नाबालिग का अपहरण कर हत्या करने के जूर्म में आजिवन कारावास, एक लाख जुर्माना

अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा

व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार ने रिसियप थाना कांड संख्या -37/11, एसटीआर -319/14 में सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई करते हुए एक मात्र प्राथमिक अभियुक्त को सज़ा सुनाई है,लोक अभियोजक अजय कुमार ने बताया कि प्राथमिक अभियुक्त सुरेन्द्र मेहता गडरा रिसियप को भादंवि धारा -364 में उम्रकैद और एक लाख जुर्माना,धारा -302 में उम्रकैद और दो लाख जुर्माना और भादंवि धारा-201 में पांच साल की सजा और पचास हजार रुपए जुर्माना की सज़ा सुनाई गई है सभी सजाएं साथ साथ चलेगी, अधिवक्ता ने बताया कि दस जुलाई को अभियुक्त को एक बच्चे के अपहरण कर हत्या करने और साक्ष्य छिपाने के आरोप में दोषी करार देते हुए बंधपत्र विखंडित कर जेल भेज दिया गया था लोक अभियोजक अजय कुमार ने बताया कि प्राथमिकी सूचक महेन्द्र मेहता ने 17/06/11 को अभियुक्त पर नाबालिग लड़के विवेक कुमार के अपहरण करने का आरोप लगाया था उस दिन गांव में एक बारात आई थी जिसमें विवेक कुमार बराती संग सो गया था वहीं से अभियुक्त ने नाबालिग का अपहरण कर लिया था अपहृत नाबालिग लड़का का लाश घटना के तीन माह सिंचाई नहर से बरामद किया गया था परिजनों ने शर्ट बेल्ट और दांत से मृत बच्चे की पहचान किये थे, वाद सूचक का अभियुक्त से पूर्व में जमीनी विवाद था, इस बहुचर्चित मामले में सज़ा सुनाई जाने के पश्चात पीड़ित परिजनों ने कोर्ट के फैसले पर संतोष जताया है।