औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा
8 जून 2026 ( सोमवार ) को औरंगाबाद जिला मुख्यालय में भिन्न भिन्न राजनैतिक दलों का संयुक्त धरना एन एच 139 को फोरलेन बनाने के लिए दिया गया। संयुक्त धरना में भाजपा नेताओं ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया तथा नीतीश कुमार पर हमला किया। भाजपा नेता रामानुजन पाण्डेय ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने कभी नहीं चाहा कि एन एच 139फोर लेन बनें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार और जिले के जनप्रतिनिधियों पर कोई सक नहीं है। केन्द्रीय सरकार इसके लिए मोटी राशि भी आवंटित कर दिया था। भाजपा नेता का यह आरोप ऐसे समय में आया है जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं हैं और चुनावी बैतरनी भी नीतीश कुमार के सहारे पार कर चुके हैं। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि 21नवम्बर 2024 को केन्द्रीय मंत्री नीतीन गडकरी गया जी में घोषणा किये थे और लगभग पांच हजार करोड़ रुपए का आवंटन होने का भी मामला प्रकाश में आया था उस समय से चुनाव तक भाजपा कभी भी यह आरोप नहीं लगाया कि केन्द्र सरकार ने एच 139 को फोरलेन बनाना चाह रही है लेकिन बिहार सरकार के मुखिया नीतीश कुमार नहीं चाह रहे हैं और सहयोग भी नहीं कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा के भी मनसा पर सवाल उठना लाजिमी है। भाजपा केन्द्र की सरकार में है और अब बिहार सरकार के मुखिया भी भाजपा के ही हैं और तब फोर लेन के लिए भाजपा को भी आंदोलन करने की आवश्यकता पड़ रही है तो सवाल उठेंगे और भाजपा नेताओं के नीति और करनी भी जनता के कठघरों में खड़ा हो रहा है। धरना में शामिल राजद नेता ई० सुबोध कुमार सिंह ने एलान किया कि यदि आज के धरना के बावजूद भी सरकार का कुंभ कर्णी निद्रा भंग नहीं होती है तो आने वाले दिनों में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा जिसके तहत चक्का जाम और यहां तक कि रेल रोको आंदोलन भी शामिल रहेगा। ज्ञात हो कि धरना का चौबीस घंटे बितने को है लेकिन अभी तक लगता है बिहार और केन्द्र सरकार नोटिस नहीं लिया तभी तो सरकार का कोई अधिकारिक घोषणा संवाद लिखे जाने तक नहीं हुआ है। जब भाजपा सरकार वास्तव में फोर लेन बनाना चाह रही है तो अब तक सोशल मीडिया के जमाने में सरकार का आधिकारिक घोषणा हो जाना था या फिर भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कम से कम प्रेस कॉन्फ्रेंस हो जाना चाहिए था। फिलहाल स्थिति चाहे जो भी हो लेकिन यदि कहा जाए कि अभी सकार केवल जुमले बाजों का है तो गलत नहीं होगा।
