अम्बा (औरंगाबाद ) ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा
अम्बा थाना क्षेत्र के भलुआडी (खुर्द ) में पदस्थापित रहे फर्जी प्रमाण पत्र पर नियोजित शिक्षिका अनीता कुमारी व मुखिया श्याम बिहारी राय उर्फ श्याम बिहारी पासवान, रविन्द्र पाण्डेय, वगैरह कई लोगों ने एक षड्यंत्र के तहत परता गांव निवासी समाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार आलोक कुमार, उनके लडका निशांत कुमार तथा आकाश कुमार और उनके पिता जितेन्द्र सिंह पर एससी-एसटी थाना औरंगाबाद में एक मुकदमा कांड संख्या 22/2023 दर्ज कराया था। मुकदमा को पुलिस तथा न्यायालय में फर्जी एवं मनगढ़ंत साबित हुआ है। न्यायालय में अभी तक चले कारवाई के अनुसार सभी षड्यंत्र में शामिल लोग अपने ही बुने ताना- बाना में बुरी तरह फंसते नजर आ रहे हैं। मामले में अभी तक न्यायालय में हुई कारवाई के अनुसार मुकदमा के आईओ को न्यायालय से शमन जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत परता में हुए विकास के नाम पर विनास कार्यों पर पर्दा डालने, फर्जी प्रमाण पत्र पर नियोजित हुए शिक्षिका अनीता कुमारी के विरुद्ध कोई शिक़ायत नहीं करे इसके लिए भयभीत करने के उद्देश्य से उक्त फर्जी मुकदमा किया गया था। मुकदमा में मध्याह्न भोजन योजना का कुपन फाड़ने के अलावे और कई गंभीर आरोप भी लगाया गया था। इस संबंध में यह भी संदेह बना हुआ है कि विद्यालय में पढ़ने वाले दलित कमजोर व असहाय बच्चों को जो सरकार की ओर से आहार मध्याह्न भोजन योजना के तहत मिलता है उसमें भी भारी लूट और घपला घोटाला के खेल को छुपाने के लिए तो फर्जी मुकदमा में कुपन फाड़ने का आरोप नहीं लगाया गया था? यदि सचमुच में इस मानसिकता से ओत प्रोत होकर कुपन फाड़ने का आरोप लगाया गया था तो यह जाहिर होता है कि दलित समुदाय से आने वाले लोग जब दलित, पिछड़े और असहाय बच्चों को मिलने वाले सरकारी आहार भी हड़प रहे हैं तो इससे और गंभीर स्थिति क्या हो सकता है। इस संबंध में पीड़ित लोगों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मांग किया है कि मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर सिंह और जिलाधिकारी के भूमिका का भी उच्चस्तरीय जांच हो तथा जवाबदेही तय करते हुए फर्जी प्रमाण पत्र पर नियोजित शिक्षिका को बचाने के लिए जिम्मेवार जांच अधिकारी के विरुद्ध भी कारवाई सुनिश्चित किया जाए। पीड़ित आकाश कुमार ने साइबर थाना को भी शिकायत कर सोशल मीडिया पर ट्रोल करने का आरोप लगाया है।
