औरंगाबाद ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा
यूजीसी रोल बैक और आरक्षण सुधार आंदोलन उच्च शिक्षा संस्थानों के नए नियमों और आरक्षण नीतियों में बदलाव की मांग को लेकर चल रहा एक प्रमुख सामाजिक-राजनीतिक विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैलते जा रही है उसी के कड़ी में आज जिला मुख्यालय में तेज तर्रार भाजपा नेता अनिल सिंह, सुनील सिंह, रुद्र प्रताप सिंह, आर्यन सिंह, निशांत तिवारी, पिंकू सिंह के नेतृत्व में एक निजी होटल में स्वर्ण संघर्ष समिति के द्वारा एक परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसमें यूजीसी रोलबैक रिजर्वेशन रिफॉर्म पर चर्चा की गई चर्चा के दौरान प्रदर्शनकारी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के कुछ नए प्रावधानों और नियमों को पूरी तरह वापस लेने की मांग कर रहे हैं। आरक्षण रिफॉर्म इस आंदोलन से जुड़े लोग मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में तार्किक सुधार, आर्थिक आधार पर समीक्षा या कोटे में बदलाव की मांग उठा रहे हैं। वहीं आंदोलन के दौरान एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों में संशोधन या इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की भी मांग की जा रही है। कई समूहों और प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी इन मांगों पर विचार नहीं किया जाता, तब तक वे चुनावों में नोटा का उपयोग करने या राजनीतिक दलों के विरोध का रास्ता अपनाएंगे। सभी वक्ताओं ने एक और में कहा की आज हमें चुप बैठने की जरूरत नहीं है क्योंकि आने वाली पीढ़ी आगे हमसे जरूर सवाल करेगी कि जिस समय यह बिल बन रहा था या बिल पास हो रहा था आप उसे समय क्या कर रहे थे क्या आपको अपने भविष्य की चिंता नहीं थी की जिन्होंने कोई जुर्म किया ही ना हो और उसकी सजा मिले? अरे मिलना तो छोड़ दीजिए अगले को अपना पक्ष रखने का मौका ना मिले क्या यही सबका साथ और सबका विकास है? आज भी यह प्रश्न मुंह बाए खड़ी है जिस पर सरकार हो या विपक्ष कोई भी बोलने से साफ-साफ बच रहा है। क्या नरेंद्र मोदी की सरकार का सबका साथ और सबका विकास की परिपाटी यही है।
