मनरेगा योजना में मनमानी व भ्रष्टाचार उजागर, किसानों के साथ भी धोखा

नवादा: डीके अकेला, नीतीश कुमार की रिपोर्ट

नवादा जिले के अंतर्गत हिसुआ प्रखण्ड के सोनसा पंचायत में पइन की खुदाई किए बिना ही लाखों रूपये निकासी कर लेने की एक सनसनीखेज बड़ा चर्चित मामला प्रकाश में आया है। ज्ञात हो कि हिसुआ प्रखण्ड के सोनसा पंचायत मुख्यालय में मनरेगा कार्य में बहुत भारी अनियमितता दिन की रौशनी सा साफ़ झलक गया है। सोनसा गांव के नेउरी पइन की बिना खुदाई किए ही लाखों रूपये निकासी कर लेने एवं घोटाला की हंगामेदार मामला तो आज यहां प्रमुख चर्चा का विषय बन कर प्रमुखता से उभरा है। इस संवेदनशील गंभीर मामले जो किसानों के हितों पर किए गए कठोर ब्रजप्राहार से पेट पर हुए कुठाराघात बेहद ही दूषित, अमानवीय एवं असहनीय है। विदित हो कि मौत की घंटी सी गर्दन पर लटकता तलवार से बेचैन,वेवश ,लाचार निरीह बेकसूर किसानों ने अपने पेट पर लात मारने के खिलाफ दर्जनों पीड़ित ग्रामीणों के द्वारा बीडीओ, डीएम एवं गृह सचिव से लेकर संबंधित सभी आला अधिकारियों को प्रेषित लिखित आवेदन पत्र समर्पित किया गया है।
मुखिया एवं उसके प्रतिनिधि पर ही निकासी व घोटाला के आरोप ग्रामीणों ने लगाया है कि पंचायत मुखिया जमीला खातून एवं उनके प्रतिनिधि नसीम अख्तर उर्फ़ तस्लीमा उद्दीन पर यह आरोप पीड़ित किसानों ने लगाया है। चंद सिक्के के टुकड़ों में अपने दीन और ईमान के साथ क्रूर गद्दारी करने वाले जल्लाद जयचन्दो व काफिरों पर अनियमितता और अवैध निकासी व घोटाला मामले का आरोप लगाया गया है। तीन किलोमीटर पइन की खुदाई की सिर्फ नाममात्र ही खानापूर्ति कर लाखों रुपए की निकासी कर हजारों किसानों के पेट व हितों पर लात मार कर उनके इज्ज़त आबरु के साथ घनघोर शिकार के विरुद्ध ग्रामीणों ने अब महाभारत के लिए कमर कस के जंगे मैदान में कूद गए हैं। समझौताहीन अंतहीन संघर्ष के सिलसिला बेरोकटोक लगातार धाराप्रवाह अनवरत जारी रखने का दृढ़ संकल्प ग्रामीणों ने दुहराए हैं।
विदित हो कि आवेदन कर्ता ग्रामीण भोला सिंह,साकेत बिहारी , शानो कुमार, बाजो शर्मा,उमेश महतो,नरेश महतो ,बच्चू महतो,अनुज पांडेय एवं रामचंद्र महतो समेत दर्जनों लोगों ने लिखित आवेदन पत्र प्रखंड विकास व जिला पदाधिकारी के अलावा बिहार के सभी संबंधित एवं अधिकृत अधिकारियों के पास प्रेषित किया गया है। तमाम आवेदन कर्ताओं ने मांग किया है कि उक्त मामले की न्यायोचित जांच कर दोषी घोटालेबाजों पर कड़ी से कड़ी कठोर करवाई करें।ऐसा संदेश व संकेत दे कि फिर भविष्य में कभी भी कोई इस हरकत की पुनरावृति करने की जरूरत, कोशिश एवं साहस दोहराने की हिम्मत तक न करें। साथ ही इस तरह के जनविरोधी अवैध गैर कानूनी हरकतों व बदसलूकियों को अंजाम न दे सके।
बताते चलें कि पानी की कमी के कारण आज सोनसा पंचायत में पइन की खुदाई नहीं ठीक से होने के चलते कृषि कार्य बहुत ज्यादा बुरी तरह प्रभावित हुआ है,जिसके प्रत्यक्ष शिकार उस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भुक्तभोगी किसान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह गांव पहाड़ी भौगोलिक स्थिति के कारण यहां पानी की बहुत ही घोर दिक्कत व किल्लत है। यहां के किसानों के कृषि और नकदी फसलों के लिए एक मात्र ही नेउरी पइन साधन एवं स्रोत है। इस पइन से तिलैया नदी से गुरुचक गांव के पास से सोनसा गांव तक पानी आता था,लेकिन पैन की मौजूदा दुखद दयनीय दुर्दशा के कारण पानी गांव तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसके चलते कृषि कार्य ही नहीं ,दैनिक घरेलू कार्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव प्रत्यक्ष पड़ रहा है। 55 लाख रुपए की अवैध निकासी कर बंदरबांट करने का संसनीखेज आरोप। उक्त संवेदनशील मामले को लेकर ग्रामीणों ने खुलेआम आरोप लगाया है कि मुखिया,पीओ, पीआरएस और पीटी समेत अन्य भ्रष्ट आधिकारियों ने उक्त योजना के प्राकलित 55 लाख 26 हजार 892 रुपए की पूरी योजना राशि का बिना काम कराए रूपये की निकासी व घोटाला तथाकथित डबल ईंजन की सरकार सुशासन व कानून की राज में धड़ल्ले से बेरोकटोक चल रहा है। मनरेगा के तहत यह कार्य बरसात से चार माह पहले ही शुरु हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि तिलैया नदी में इस समय पानी उपलब्ध है , लेकिन पइन में पानी खुदाई नहीं ठीक से होने के कारण ही पानी यहां नहीं आ रहा है। अगर पैन की खुदाई ठीक ढंग से होता और पानी गांव तक पहुंच जाता तो धान की खेती इतनी ज्यादा नहीं पिछड़ता और नहीं तो प्रभावित होती।इसके कारण यहाँ के मासूम निरीह किसानों का गुस्सा भी आज सातवें आसमान पर चढ़कर विस्फोटक स्थिति अख्तियार करने के लिए आम लोगों को सरकार मजबूर कर दिया है। इस अति संवेदनशील मामले पर हिसुआ प्रखंड विकास पदाधिकारी देवानंद कुमार ने कहा कि ग्रामीणों के आवेदन को मनरेगा पीओ के पास जांच के लिए भेजा जा चुका है। रिपोर्ट आने के बाद विधिवत कानून सम्मत उचित कारवाई की जाएगी।