सुनील कुमार सिंह/ अम्बुज कुमार की रिपोर्ट
औरंगाबाद जिले के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष स्व. यमुना सिंह की प्रथम पुण्यतिथि उनके पैतृक गाँव रायपुरा (औरंगाबाद ) में आज मनायी गयी । उक्त अवशर पर उनके पुत्र एवं औरंगाबाद के पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह नें खबर सुप्रभात को बताया कि स्व. यमुना बाबू सिर्फ मेरे पिता ही नहीं थे बल्कि मेरे राजनैतिक गुरु भी रहे हैं। वे कांग्रेस के

जिला अध्यक्ष रहते हुए जनता से जुड़े हर काम को आगे बढ़ाने का काम किया है । चाहे उत्तर कोयल नहर का मामला हो या अन्य मामला । आज हमारे इलाके में हरियाली तथा किसानों की चेहरों पर जो खुशहाली दिख रही है, वह स्व. यमुना बाबू के परिश्रम का ही प्रतिफल है। मैं चाहुंगा कि स्व. यमुना बाबू का नाम हमेशा हम सवों के बिच में कायम रहे, इसके लिए शीघ्र ही उनकी आदम कद प्रतिमा लगानें एवं उनके नाम पर स्कुल / कॉलेज खोलने का काम शीघ्र ही किया जायेगा । तो वहीं राज्य कांग्रेश के उपाध्यक्ष अरबिंद शर्मा नें कहा कि स्व. यमुना बाबू छोटे साहव की एक बुलावा पर अपनी चलती हुई बिजनेश को बंद कर बेरमों से औरंगाबाद आकर अपनी ऊर्जा को जनता की सेवा में लगा दिया । हलाँकी दो बार वे चुनाव निर्दलीय रूप में लड़े भी, लेकिन सफलता नहीं मिली । उनहीं की सामाजिक सरोकार का लाभ उनके पुत्र आनंद शंकर जी को मिला कि लगातार दो बार औरंगाबाद से विधायक चुनें गये । आज उनके नहीं रहनें का दुःख हम सबों को होता रहता है। उनके जानें से औरंगाबाद से कांग्रेस का अंत हो गया है, ऐसा मुझे प्रतित होता है। वो मेरे बड़े भाई के तुल्य रहे हैं, और प्यार से मुझे शर्मा जी ही कहकर बुलाते थें। मौके पर कांग्रेसी नेता धीरेन्द्र कुमार सिंह, पप्पु सिंह, व्रज किशोर जी, वकील साहव, इरफान अंसारी, संजीव सिंह, सुजीत सिंह, इंद्रदेव भुंईया सहीत कई लोग उपस्थित थें।
