जेल में सीसीटीवी के सामने चल रहा होटल, एसपी -डीएम -सीएम से शिक़ायत के बावजूद सन्नाटा


औरंगाबाद ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा


औरंगाबाद मंडल कारा में सीसीटीवी कैमरा के सामने प्राइवेट होटल चलने का शिक़ायत औरंगाबाद के जिलाधिकारी, एसपी तथा मुख्य मंत्री से ईमेल माध्यम से दो माह में तीन-चार बार किया गया लेकिन जांच के बदले सन्नाटा पसरा हुआ है। जानकारी के अनुसार अभी तक नहीं सीसीटीवी कैमरा का फूटेज सील किया गया है और नहीं जांच किया गया है। जेल में बंदियों के बीच इतना बड़ा खौफ व दहशत का वातावरण बना हुआ है कि एक भी बंदी मुंह खोलना अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। आश्चर्य तो यह है कि जेल में जांच करने अधिकारी आते हैं तो जेल प्रशासन को पहले ही इसकी जानकारी हो जाया करता है। फलस्वरूप जेल में बंदियों के साथ घोर अत्याचार का मामला उच्च स्तरीय जांच से प्रकाश में आयेगा। यदि जेल से बाहर मजिस्ट्रेट के उपस्थित में कैमरा के सामने बंदियों से गुप्त गवाही से अथवा जो बंदी जेल से बाहर आए हैं उनसे गवाही लिया जाए तो भी सच्चाई प्रकाश में आयेगा। जेल में नीजी होटल के अलावे बंदियों को मिलने वाले दुध से रसगुल्ला काला जामुन रसमलाई तथा चाय बनाकर कैंटीन में धड़ल्ले से बिक्री हो रहा है। तम्बाकू (खैनी) गांजा तक ऊंची दामों पर बिक्री हो रहा है। बंदियों से बाल डाढी बनवाने पर 80-100 रुपये वसुला जाता है। बंदियों को मिलने वाले दही को भी कैंटीन में 100रुपये किलो बिक्री हो रहा है। लेकिन आश्चर्य तो यह है कि मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व एसपी से भी शिक़ायत करने पर किसी तरह का नहीं जांच हुआ और नहीं कोई कार्रवाई। इससे साफ़ जाहिर होता है कि लूट में सभी लोग शामिल हैं।