फंदे पर लटका बंद कमरे में मिला विवाहिता का शव, दहेज हत्या का आरोप, महिलाएं आखिर पुरुषों के वनिस्पत ज्यादा आत्महत्या करने को विवश क्यों हैं ?

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट


नवादा जिले के सिरदला थाना क्षेत्र के चौबे पंचायत के अंतर्गत भलुआ गांव में मंगलवार की सुबह अनीश कुमार की पत्नी 28 वर्षीय हेमलता देवी का शव फंदे पर लटका मिला। इस संवेदनशील घटित घटिया घटना पर पूरे इलाके में बड़े जबर्दस्त सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति घटनास्थल पर मौजूद हो गई। मृतिका के मायके पक्ष ने सुसराल वालों पर दहेज हत्या का सीधे-सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि 10 लाख रुपए की दहेज की मांग व सौदेबाजी को लेकर बेकसूर हेमलता को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह चार वर्षीय पुत्र अपनी मां को जगाने के लिए दरबाजा जब खटखटाने लगा, तो अंदर से कोई उतर या प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उसने परिजनों व पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। काफ़ी मशक्कत के उपरांत दरवाजा को तोड़ा गया, तो हेमलता पंखे के फंदे में वो लटकी मिली। उसे तत्काल फांसी के लटके फंदे पर से उतरा गया,परंतु तब तक उस मासूम ने जिंदगी की आखिरी सांस ले चुकी थी। मृतिका के पिता दिनेश प्रसाद,मां किरण देवी और भाई रौशन कुमार ने आरोप लगाया कि पति अनीश कुमार,सास,ससुर व ननद 10 लाख रुपए की मांग को लेकर हेमलता को लगातार प्रताड़ित करते थे। उनका सीधा आरोप है कि गला दबाकर निर्ममता से हत्या करने के बाद साक्ष्य को मिटाने की एक शातिराना सुनियोजित साजिश के तहत ही शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की घृणित नापाक प्रयासों एवं कुत्सित हरकतों में बेसुमार है।
ज्ञात हो कि मृतका हेमलता मूल रूप से परनाडाबर क्षेत्र के हरनारायणपुर गांव की रहने वाली थी।वर्ष 2022 में उनकी शादी हुई थी। मृतिका का चार वर्षीय मात्र एक पुत्र है और परिजनों के मुताबिक वह तीन माह की पुनः गर्भवती भी थी। पति अनीश कुमार चेन्नई में नौकरी करते हैं। करीब 10 दिन पूर्व ही अपने गांव से वे चेन्नई लौटे थे। इस उत्पन्न भीषण घटना के उपरांत मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और परिजनों के बीच में भयंकर दहशत व तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसी दौरान सरकारी जांच पूरी होने से पहले घर का सामान तोड़े जाने से रोकने पर सिरदला थाना के चौकीदार महेंद्र प्रसाद के साथ कुछ लोगों ने बुरी तरह मारपीट कर दी।बाद में पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग व हस्तक्षेप से स्थिति तत्काल सामान्य हुई। सूचना पर नवादा से फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और सभी साक्ष्य एकत्र किए। थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह मामला हत्या का है या आत्म हत्या का ? पुलिस अधिकारी ने कहा कि लिखित आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कारवाई की जाएगी। क्या अगर लिखित आवेदन पत्र नहीं दिया जाएगा तो पुलिस प्रशासन कान में तेल डालकर कुंभकर्णी निंद्रा में सिर्फ सोई रहेगी ? क्या संविधान की रक्षा करने के लिए आपको आवेदन देगा, तब ही आप कुछ कारवाई करेंगे ? अब देखना यह है कि उक्त संवेदनशील मामले में पुलिस प्रशासन की क्या भूमिका रहेगी ? न्याय व चंद सिक्के के टुकड़ों में आपको क्या चाहिए , दोनों में से तो एक को तो चुनना ही पड़ेगा ? मानवता,न्याय व इंसानियत के दृष्टिकोण से दोनों में एक को चयन के लिए स्वतंत्र हैं।