चुनावी भंवरजाल में फंसा बीजेपी, उम्मीदवार बदलने और फिर संशोधित बायोडाटा को लेकर तेज़ हुआ सियासत

पटना संवाद सूत्र ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा

बिहार के राजधानी पटना में बांकी पुर विधानसभा का उप चुनाव में भाजपा चुनावी भंवरजाल में फंसते जा रही है। बांकी पुर विधानसभा सीट भाजपा के लिए अभेद् क़िला के रूप में चर्चित रहा है। कहा जाता था कि यहां से भाजपा यदि बिल्ली -कुत्ता को भी चुनाव मैदान में उतार देगा तो विजय श्री निश्चित है। लेकिन इस बार यह मिथ्या बिखरते नज़र आ रहा है। उप चुनाव में भाजपा पहले अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया। अभिषेक बंटी धूम धड़ाका के साथ नामांकन भी कर दिये। नामांकन सभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अलावे एनडीए के दिग्गज पहुंचे और जीत का दावा किया गया। लेकिन महज़ 24 घंटे बाद ही भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदल दिया और निरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बना दिया। निरज कुमार सिन्हा का बायोडाटा भी सार्वजनिक किया गया। सार्वजनिक बायोडाटा के अनुसार निरज कुमार सिन्हा मात्र 12वर्ष में ही भाजपा के सदस्य और कार्यकार्ता बन गये थे। विपक्ष द्वारा सार्वजनिक बायोडाटा पर जब सवाल उठाया गया तो आनन फानन में फिर एक संशोधित बायोडाटा पेश किया गया। अब सवाल यह उठता है कि भाजपा द्वारा 24 घंटे में उम्मीदवार बदलना और फिर दुसरे प्रत्याशी का संशोधित बायोडाटा पेश करना क्या भाजपा का विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा नहीं हो रहा है? यदि सवाल खड़ा हो रहा है तो यह कहने में गुरेज नही होगा कि भाजपा अपने ही तथा कथित अभेद दुर्ग में चुनावी भंवरजाल में फंसते जा रही है।