अपहरण और छेड़छाड़ के मामले में हुई सज़ा

औरंगाबाद: अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा

व्यवहार न्यायलय औरंगाबाद में जिला जज प्रथम विश्व विभूति गुप्ता ने टंडवा थाना कांड संख्या -58/08, जी आर -2312/08, एसटीआर -78/09,44/23 में सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई करते हुए सज़ा सुनाई है एपीपी रामनरेश प्रसाद ने बताया कि प्राथमिक अभियुक्त रंजीत राजवंशी को 18/06/26 को इस कांड में दोषी ठहराया गया था और बंधपत्र विखंडित कर जेल भेज दिया गया था आज़ सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई करते हुए भादंवि धारा -363 में एक साल छ: माह की सजा और पांच हजार रुपए जुर्माना लगाया है और भादंवि धारा 354 में एक साल की सजा और पांच हजार रुपए जुर्माना लगाया है अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि आज कोर्ट में अभियुक्त और उसकी पत्नी तथा चार लड़कियां हाथ जोड़कर रोने लगे तो जज साहब काफी भावुक हो गए थे तत्पश्चात उन्होंने सज़ा सुनाई, अधिवक्ता ने बताया कि प्राथमिकी सूचक ने 15/10/18 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें अभियुक्त पर अपने बेटी का शादी के नियत से अपहरण का आरोप लगाया था लड़की 14/ 08/08 को अपने घर वापस आ गई थी, अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि विभिन्न मामलों में समस्या देखते हुए आज कोर्ट में वरीय चिकित्सा पदाधिकारी को बुला कर कहा है कि किसी भी हिंसा के जख्म प्रतिवेदन ससमय
प्रस्तुत हो, नाबालिग के मामले में माता-पिता के मंतव्य प्रतिवेदन में अवश्य करें, उम्र के बारे में भी जिक्र प्रतिवेदन में करने का प्रयास करें और गवाही समय पर करवाये, जिला विधिज्ञ संघ और अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष से कहा गया है कि बीएनएस और बीएनएसएस लागु हो जाने के बाद से अनुसंधान काफी आधुनिक तकनीक से युक्त हो गया है जिसके कारण बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं को भी अपना पक्ष रखने में इसकी जानकारी,ई साक्ष्य की जानकारी, कम्प्यूटर लेपटॉप 5 जी मोबाइल की जानकारी अति आवश्यक हो गया है साइबर सुरक्षा के प्रति भी बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं को जागरूक रहना चाहिए न्यायालय अब धीरे धीरे पेपरलेस होने के प्रक्रिया में है ओनलाइन फाइलिंग शत् प्रतिशत सफल है,बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं अधिक से अधिक आधुनिक तकनीक का उपयोग करना शुरू कर देना चाहिए।