नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट
नवादि जिले के नवादा नगर परिषद क्षेत्र में विभिन्न सड़क मार्ग की फुटपाथ पर प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज शहर में रोजाना जाम की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। खासकर नवादा -जमुई पथ पर स्थित तीन नंबर रेलवे फाटक के पास तो प्रायः सबसे ज्यादा जाम की समस्या बहुत गंभीर बनी हुई है। जाम से हाल आम लोगों का बेहद बेहाल है।
प्रत्येक दिन की भांति कल गुरुवार को तीन नंबर रेलवे फाटक के समीप गया जी – किऊल की तरफ मालगाड़ी गुजरने के




कारण रेलवे फाटक बंद था। रेलवे फाटक से इंदिरा चौक तक दो पहिया और चार पहिया वाहनों की लंबी कतार अनगिनत लगी थी।सड़क के दोनों किनारे जीआरपी और आरपीएफ के मिलीभगत से अवैध कमाई के चक्कर में ही सब्जी,फल,चाय नाश्ता,अंडा, सत्तू आदि दुकानें सजी थी। आम लोगों को पैदल चलना भी बड़ा मुश्किल हो रहा था।लोग वाहनों के बीच से जान को भी जोखिम में डाल कर किसी तरह निकल रहे थे। भयंकर संकट उत्पन्न है।
आम लोगों ने बताई परेशानी कि रेलवे फाटक बंद रहने के बीच जाम में फंसे पकरीबरावां, कादिरगंज और कौआकोल जाने वाले दिकू कुमार,पिंटू सिंहा, रौशन कुमार,आनंद कुमार , सुरेंद्र सिंह,नरेश यादव नरेश कुमार सिंह,भूषणआदि ने बताया कि सुबह होते ही तीन नंबर रेलवे फाटक से इंदिरा चौक तक फुटपाथ पर रेलवे पुलिस की अवैध कमाई के सौजन्य से फुटपाथी दुकानें सज जाती है। ट्रेन आने पर रेलवे फाटक बंद होते ही वाहनों की लम्हड़ कतारें लग जाया करती है।घंटों तक जाम में फंसे रहना लोगों को पड़ता है।संकट में समय गुजारना दैनिक नियति बन गया है।राहगीरों को भी आने-जाने में काफी दिक्कतें होती है।लोगों ने जाम से स्थाई निदान के लिए प्रशासन और सरकार से अतिक्रमण को हटाने तथा प्रस्तावित रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण शीघ्र शुरू करने के लिए सकारात्मक ठोस कदम उठाने की मांग की है। वर्षों पुराने बहुप्रतीक्षित महत्वाकांक्षी रेल योजना आर ओ बी का निर्माण जबतक नहीं होगा तबतक लोगों को जाम और परेशानी से स्थाई छुटकारा मिलने की कोई संभावना कतई नहीं है। ROB का निर्माण शीघ्र नहीं होने के चलते हर दिन हजारों लोग हो रहे हैं प्रभावित अथवा परेशान।नवादा-जमुई पथ पर तीन नंबर रेलवे फाटक से होकर रोजाना कादिरगंज,बागीबरडीहा वारसलीगंज,कौआकोल,पकरीबरावां समेत कई प्रखंडों के लोग जिला मुख्यालय पहुंचते हैं।इसके साथ लखीसराय, जमुई, बरबीघा,भागलपुर और देवघर समेत अन्य जिलों के लोग भी इसी मुख्य रास्ते से गुजरते हैं। सुबह से देर रात तक वाहनों का परिचालन जारी रहता है।सड़क किनारे फुटपाथ पर किए गए अतिक्रमण के कारण प्रत्येक दिन आसपास के लोग तथा नगर वासी तो जाम से काफी परेशान हैं।अब तो देखना यह है कि जिला प्रशासन कबले इस अतिक्रमण से उत्पन्न कृत्रिम संकट से निजात दिलाता है।किऊल-गया जी रेलखंड का दोहरीकरण व ट्रेनों के साथ अनेक मालगाड़ियों का भी परिचालन बढ़ने से दिनरात में कई बार रेलवे फाटक बंद होते ही रहता है, जिससे परेशानियों में बढ़ोतरी होती जा रही है।

