जानलेवा हमला के आरोपी शराब कारोबारी नवल किशोर सिंह पुलिस पकड़ से बाहर


औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा


बिहार में शराबबंदी कानून लागू है। शराब पीने, शराब का निर्माण तथा शराब कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और सुशासन तथा कानून का राज स्थापित करना

बिहार सरकार का मुख्य एजेंडा है। लेकिन औरंगाबाद जिले में बिहार सरकार का मुख्य एजेंडा तय दिशा निर्देश को ठेंगा

बारुण थाना में घायल किसान सिद्धेश्वर सिंह

देखाया जा रहा है। नतीजा है कि जिले में शराब के धंधा ज़ोर शोर से फल फूल रहा है। शराब कारोबारियों को स्थानीय पुलिस से सांठ-गांठ होने का आरोप लगते रहा है। फलस्वरूप जिले के बारुण थाना क्षेत्र में सोन दियारा शराब कारोबारियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है। शराब कारोबारियों का मनोबल इतना हाई लेवल पर है कि कोई भी ग्रामीण अपना मुंह खोलना अपने आप को असुरक्षित महसूस कर चुप्पी साधे हुए हैं। अपना नाम नहीं छापने के सर्त पर कई ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय थाना में यदि इसकी सूचना दी जाती है तो पहले ही सूचना लीक हो जाया करता है और तब विरोध करने वाले तथा सूचना देने वालों को खैरियत नहीं हो पाता है। एक जानकारी के अनुसार 27 जून को बारुण थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोठौली निवासी किसान सिद्धेश्वर सिंह पर उनके ही गांव के शराब कारोबारियों द्वारा शराब के नसे में धूत होकर जान मारने के नियत से हमला बोला दिया। घटना में गंभीर रूप से घायल किसान सिद्धेश्वर सिंह द्वारा स्थानीय थाना में कांड संख्या 2056/26 दर्ज कराया गया है तथा जान माल के सुरक्षा के लिए गुहार लगाते हुए आरोपितों पर कारवाई करने का अनुरोध थाना में स्थापित पुलिस पदाधिकारी से किये हैं। पुलिस द्वारा एक आरोपी रौशन कुमार सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया लेकिन दुसरा आरोपी तथा घटना का मास्टर माइंड तथा शराब कारोबारियों का सरगना नवल किशोर सिंह अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर है और बिंदास घुम रहा है। तथा पीड़ित पक्ष को सोलह करने नहीं तो खमियाजा भुगतने का धमकी अपने समर्थकों से भेजवा रहा है। पीड़ित परिजनों को संदेह है कि मुख्य आरोपी पुलिसिया कार्रवाई को भी प्रभावित कर सकता है।