अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा
कुटुंबा थाना क्षेत्र अंतर्गत तमसी मोड़ के समीप बुधवार की सुबह अंबा नबीनगर मुख्य मार्ग पर कुटुंबा की ओर से आ रही स्कूली बच्चों की एक मैजिक गाड़ी अनियंत्रित होकर उत्तर कोयल नहर के बसडीहा कैनाल में चली गई। बताया जाता है कि गाड़ी बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचाने जा रही थी। तमसी मोड़ के समीप विपरीत दिशा से आ रहे एक कंटेनर से चकमा खाकर नहर में चली गई। इस घटना में दर्जनों बच्चे घायल हुए तथा कई को हल्की चोट आई। आसपास के लोगों के सहयोग से बच्चों को गाड़ी से निकल गया और उन्हें कुटुंबा रेफरेल अस्पताल पहुंचाया गया। कुल 13 बच्चे अस्पताल में भर्ती हुए जिनमें बेहतर इलाज के लिए तीन को रेफर किया गया है। घायलों में कुटुंबा के गौतम कुमार का 12 वर्षीय पुत्र आदित्य राज, ओम प्रकाश मालाकार की 8 वर्षीय पुत्री अमी कुमारी तथा उसका 7 वर्षीय भाई अक्षय कुमार, अतुल सिंह की 7 वर्षीय पुत्री मौली कुमारी, मोहम्मद यीशु का 13 वर्षीय पुत्र आबिद रजा, प्रदीप कुमार के 12 वर्षीय पुत्र लक्की राज सैनिक, सिकरिया के कौशल कुमार का 5 वर्षीय पुत्र आरडी प्रताप, मीरपुर के गोविंद कुमार का 8 वर्षीय पुत्र कुमार सुगंधी आर्यन तथा उसकी 5 वर्षीय बहन सृष्टि कुमारी, अमित पासवान का 12 वर्षीय पुत्र हर्ष कुमार, महुआ धाम के शिव साव का 10 वर्षीय पुत्र आयुष कुमार, मिर्जापुर के संजीव गौरव का 6 वर्षीय पुत्र वैभव गौरव तथा लखना के दिनेश कुमार यादव का 7 वर्षीय पुत्र अमित कुमार शामिल हैं। इनमें से आरडी प्रताप, हर्ष कुमार और मौली कुमारी को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
[01/07, 4:55 pm] Dilip: टंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहरी ईटवा गांव में हुए मासूम की हत्या मामले में आक्रोशित परिजनों ने बुधवार की दोपहर अंबा चौक को जाम कर दिया, जिससे एनएच 139 समेत नवीनगर व देव पथ पर आवागमन बाधित हो गया, परिजन बच्चे के साथ पहुंचे और चौक पर शव रख दिये, आने-जाने वाले सभी रास्ते वाहन खड़ा कर और रस्सी लगाकर बंद कर दिए गए, बाजार के सभी पथों में वाहनों की लंबी कतार लग गई, सूचना मिलने पर प्रमुख धर्मेंद्र कुमार, सीओ चन्द्र प्रकाश, पुलिस इंस्पेक्टर अजय कुमार, अंबा थानाध्यक्ष राहुल राज समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाने बुझाने का प्रयास किया, ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगे रखी, उनकी मांगों में फास्ट्रेक कोर्ट में स्पीड ट्रायल कराकर घटना में सम्मिलित लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना, इस मामले में संबंधित थानाध्यक्ष की लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच कराकर उनकी भूमिका स्पष्ट करना, पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराना तथा पीड़ित परिवार की सुरक्षा की गारंटी प्रशासन के द्वारा दिलाना शामिल था। उन्होंने अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सीओ को सौंपा। प्रमुख व अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम हटाया गया। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में पुलिस प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।


