गोबिंदपुर के 5 वार्डों के 1400 घरों में पेयजल की सप्लाई बंद, पानी हेतु चौतरफ़ा हाहाकार, 50 हजार गैलन क्षमता वाली जलमीनार शुक्रवार से है ठप

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट



नवादा जिले में इस प्रचंड भीषण गर्मी में पेयजल संकट विकराल रौद्र रूप ग्रहण कर लिया है। पानी के लिए जिले में चौतरफ़ा अफरा-तफरी और घोर हाहाकार मचा हुआ है। कई क्षेत्रों में पानी के लिए भयंकर कोहराम मच गया है।पेयजल की उत्पन्न समस्या से महिलाओं को रही है अत्यधिक परेशानी। पड़ोसियों से पानी खातिर करनी पड़ रही है भिक्षाटन। बूंद- बूंद पानी के लिए लोग तरस रहे हैं। महिलाओं की बढ़ी परेशानी। जिले में इस प्रचंड भीषण गर्मी के बीच गोविंदपुर बाजार तथा इसके अगल- बगल के 5 वार्डो में पेयजल संकट काफी गहरा गया है । नवादा जिले के सकरी नदी के किनारे स्थित लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ( PHED) की 50 हजार गैलन क्षमता वाली जलमीनार का मोटर शुक्रवार शाम को जल गया। इसके चलते तकरीबन इलाके के 1400 घरों में पानी सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। लोग पानी पीने एवं दैनिक घरेलू कार्यां के लिए पानी हेतु बूंद-बूंद के लिए छटपटा व तरस रहे हैं। जबकि इस संवेदनशील मामले में विभाग ने ठेकेदार को जले मोटर की मरम्मत करने का निर्देश भी दे दिया है।पर,अब देखना यह है कि पीएचईडी विभाग कितनी जल्दी इस मोटर का मरम्मत कर पेयजल पीड़ितों के घरों तक पुनः पानी पहुंचा पाता है।
अचानक मोटर जल जाने के कारण जलापूर्ति बंद होने का सबसे सीधा एवं घोर बुरा असर महिलाओं पर प्रत्यक्ष पड़ा है। चिलचिलाती इस भीषण प्रचंड धूप व गर्मी में उन्हें पेयजल के लिए दूसरे के घरों में भिक्षाटन या दूर दराज के चापकलो का सहारा लेने को वेवश व लाचार हैं। लोग त्राहिमाम में कैद हैं।
पीड़ित उपभोक्ता उमा देवी ने बताया कि मोटर जल जाने से घर का सारे काम बंद हो गया है। वहीं, राधा देवी का कहना है कि जल मीनार का पानी शुद्ध,मीठा और पीने योग्य है, जिसपर पूरा परिवार निर्भर व आश्रित हैं। मोटर का मरम्मत जल्द PHED विभाग के उपेक्षापूर्ण नजरिए एवं जबर्दस्त घोर लापरवाही के चलते अब पानी नहीं आने से सभी 1400 घरों में घनघोर हाहाकार मचा हुआ है। जिनके घरों में अपना चापाकल नहीं है, उनकी स्थिति तो बेहद खराब व दयनीय है।
स्थानीय उपभोक्ताओं का गुस्सा PHED विभाग की क्रूर नापाक मंशा एवं लापरवाही पर लावा की तरह फूट रहा है। जन आक्रोश आज सातवें आसमान पर सिंह गर्जन के लिए उतावले हैं।स्थानीय निवासी मो.रहमान अंसारी, खुर्शीद आलम,तरन्नुम परवीन आदि ने बताया कि यह कोई नई और आश्चर्य की बात नहीं है। इसके पूर्व भी मोटर तीन बार खराब हो चुका है और तब 10 दिनों तक जलापूर्ति बंद रहा था।शबू परवीन को पानी के लिए अपने हितैषी एवं पड़ोसियों के आगे भिक्षाटन करना पड़ रहा है।आम लोगों का सीधा आरोप है कि यह मोटर 10 वर्ष पुरानी है, इसलिए बार बार जल जाया करता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि विभाग से पुरानी मोटर को हटाकर नई मोटर लगाने की मांग वर्षों से आजतक करते आ रहे हैं,ताकि रोज- रोज की इस उत्पन्न झंझट या संकट से स्थाई तौर पर छुटकारा मिल सके। इस पूरे प्रकरण पर पी एच ई डी के SDO प्रिंस कुमार ने कहा कि उन्हें मोटर जल जाने की सूचना मिली है। उन्होंने ठिकेदार को इसे अतिशीघ्र ठीक कर ठप पड़े जलापूर्ति को चालू करने का निर्देश दिया है। हालांकि जब मोटर के पुराने और जर्जर होने की बातें उठी,तो उन्होंने इसपर तकनीकी हवाला दिया। उनका कहना है कि एक मोटर की कम से कम सामान्य उम्र 30 साल तक होती है।