राजद का एक दिवसीय राज्य स्तरीय सांकेतिक धरना सम्पन्न, संविधान,लोकतंत्र व संवैधानिक सभी संस्थाओं को सरकार पंगु बना दिया:उदय नारायण चौधरी

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट


नवादा जिले के अंतर्गत नवादा थाना क्षेत्र के पास निर्धारित धरना स्थल पर आज आसमान छूती मंहगाई, चरम भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बढ़ते बेतहाशा अपराध में वृद्धि के विरुद्ध राजद द्वारा सांकेतिक एक दिवसीय राज्य स्तरीय धरना का सफल आयोजन किया गया है। इसकी अध्यक्षता राजद के जिला अध्यक्ष उदय यादव और मंच का संचालन मुकेश

यादव ने किया। धरना स्थल पर जन सभा को संबोधित करते हुए प्रधान वक्ता राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने कहा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आज पूरे बिहार के सभी प्रखंडों और जिला मुख्यालयों पर एक

दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। सुशासन और कानून की राज की वकालत करने वाली डबल ईंजन की सरकार में मंहगाई चरम पर पहुंच चुकी है। सभी चीज़ों के दाम आसमान छू रही है। गरीबों का

चूल्हा अब उदास पड़ा है।बेरोजगारी का तो दृश्य व आलम ही विचित्र है। मात्र चार हजार सिपाही की बहाली को लेकर तक़रीबन चार लाख से अधिक बेरोजगार रोजगार के लिए सड़क पर उमड़ पड़ा। परिणाम स्वरूप बेरोजगारों की भीड़ के कारण एक युवक की दुखद मौत हो गई। घर से चले थे

पुलिस की नौकरी के लिए,मगर उन्हें नौकरी के बदले मौत नसीब हुआ। उनके घर में खुशी की जगह कोहराम मच गया।
डबल ईंजन की भ्रष्ट सरकार ने तो संविधान और लोकतन्त्र को समाप्त कर तानाशाही को ही स्थापित करने की घृणित नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रही है। चौधरी ने कहा कि झूठ बोलने की कला में महारत हासिल किए मोदी से झूठ बोलने की कोई भी प्रशिक्षण लेने की कोशिश करें। नोटबंदी के जरिए नई आफत खड़ा करते मोदी ने कहा था कि भारत के काला धन जो स्विट्ज़रलैंड की बैंक में जमा है, उसे लाकर सभी देशवासियों के खाते में 15 -15 रुपए उसके खाते में डाल दिया जाएगा, जो सिर्फ झूठा कोरी बकवास बन साबित हो कर रह गई। डबल ईंजन सरकार के अंतर्गत जो पुल बना,वो आज टूटकर क्षति ग्रस्त हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि लालू यादव करीब 11 सौ करोड़ रुपए के चाराघोटाले में सजा के शिकार सुनियोजित तरीके से बनाकर जेल की क्रूर यातनाओं से उन्हें नवाजा गया। वहीं पर, यह कैसी विडंबना है कि सरकार के महालेखाकार ने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार के शासन काल में 72 हज़ार करोड़ रुपए का कोई लेखा जोखा यानी अतापता ही नहीं है। कहने का मतलब साफ़ है कि नीतीश राज में यह घोटाला सिर्फ़ कुर्सी और सत्ता के चलते केंद्र सरकार के इशारे एवं सहमति से हुई है।
धरना स्थल पर मौके से आयोजित महती जनसभा को संबोधित करने वालों में मुख्य राजद के जिला अध्यक्ष उदय यादव, राजद के वरिष्ठ नेता के बी यादव, नंदकिशोर यादव, रामचन्द्र यादव, पिंकी भारती, संजय यादव आदि थे। सबों ने बिहार सरकार की खामियां को उजागर करने में कोई कोताही नहीं बरती। बिहार सरकार ने जनता की बुनियादी मूलभूत सुविधाओं और समस्याओं को दरकिनार कर कभी हरा गमछा पर कटाक्ष करते नहीं थकते।
मौके पर सरकार प्रायोजित षड्यंत्र के तहत रौशन आनंद और प्रिंस यादव की हत्या की कटु कड़वी आलोचना करते हुए एक मिनट का शोक श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सबसे बड़ी आश्चर्यजनक बातें यह है कि उक्त धरना में गत विधानसभा चुनाव में राजद के प्रत्याशी बनाए गए कौशल यादव, पूर्णिमा यादव, पूर्व MLC सलमान खुर्शीद उर्फ़ मुन्ना मियां और उनके गिरोह आज के इस राज्य स्तरीय आयोजित धरना में शामिल होने के बजाय वहिष्कार किया। इससे यह परिलक्षित हो गया कि राजद यहां एकजुट नहीं, बल्कि आपस में ही फूट है। तेजस्वी यादव के आह्वान को भी ठेंगा दिखाने से बाज नहीं आए। अपने वक्तव्य में राजद के कुछ नेताओं ने कहा कि कौशल यादव सिर्फ़ चुनाव में ही सक्रिय विधायक बनने के ही फ़िराक में चक्कर लगाते हैं। जनता की सुख दुःख से उन्हें कोई वास्ता नहीं है। ये हमेशा से ही परमुड़ी फलाहार करते आ रहे हैं और यही करते रहना चाहते हैं, जो अब बिल्कुल असंभव है।