अम्बा ( औरंगाबाद )खबर सुप्रभात समाचार सेवा
अंबा थाना परिसर से महज बीस मीटर की दूरी पर आजाद बिगहा गांव में देसी शराब का निर्माण और खरीद-बिक्री का धंधा बेखौफ जारी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शराब माफिया बिना किसी डर के रोज भारी मात्रा में देसी शराब तैयार कर रहे हैं। इस ठिकाने पर सुबह से ही पियक्कड़ों और शराब खरीदारों का जमावड़ा लगने लगता है। हैरानी की बात यह है कि जिस कानून को कड़ाई से लागू करने की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस पर है, वही इससे आंखें मूंदे बैठी है। पुलिस की इस कथित लापरवाही और थाना प्रभारी की चुप्पी पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सब कुछ जानते हुए भी थाना प्रभारी का मौन रहना इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहा है।बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद थाने के इतने करीब शराब का धंधा फलना-फूलना पुलिसिया गश्त और खुफिया तंत्र की पोल खोलता है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि पुलिस छोटे-मोटे मामलों में तो मुस्तैदी दिखाती है, लेकिन अपनी नाक के नीचे चल रहे इस बड़े खेल पर पूरी तरह खामोश है।


