औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राजीव रंजन कुमार द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रांगन से राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों एवं ऋण वादों के निस्तारण हेतु जिले के सुदरवर्ती क्षेत्रों के लोगो को जागरूक करने के लिए बिहार ग्रामीण बैंक से सम्बन्धित जागरूकता रथ को हरि झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, तान्या पटेल सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण उपस्थित थे। प्रधान जिला जज ने इस अवसर पर बताया कि दिनांक 09-05-2026 को आयोजित होने जा रहे राष्ट्रीय लोक अदालत का फायदा न सिर्फ शहर एवं कस्बो के लोगो मिले बल्कि जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो तक पहूँचे इस उद्देश्य के लिए यह जागरूकता रथ कारगार साबित होगा। प्रधान जिला जज ने कहा कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से सभी शमनीय वादों का निस्तारण एवं बैंक से सम्बन्धित वादों का निस्तारण निश्चित किया गया है जिसके तहत कई छूट का प्रावधान है। प्रधान जिला जज ने औरंगाबाद जिला के वासियों से अपील किया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने से सम्बन्धित सुलहनीय वादों का निस्तारण करायें और बैंक से सम्बन्धित जो भी बकाया है तो छूट का लाभ देते हुए उनका निदान किया जायेगा और बैंक के पदाधिकारियों द्वारा पूरा सहयोग किया जायेगा। यह रथ जिले के सभी प्रखण्डों के साथ-साथ समस्त ग्रामीण क्षेत्रों तक जायेगा एवं लोगो को हर तरह के सुलहनीय वादों के साथ-साथ बैंक ऋण से सम्बन्धित वादों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से करने के लिए प्रेरित करेगा। जागरूकता रथ रवाना के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव तान्या पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियाँ अन्तिम चरण में है और अधिक से अधिक लोगो को इसकी जानकारी उपलब्ध हो इसके लिए जागरूकता रथ के साथ-साथ सोसल मीडिया, समाचार-पत्र, तथा अन्य कई माध्यमों से लोगो से यह अपील किया जा रहा है कि वे अपने सुलहनीय वादों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत में करायें इस अवसर पर बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबन्धक रवि शंकर सिंह, वरीय प्रबन्धक, ओम प्रकाश एवं प्रबन्धक रजनीकांत उपस्थित रहें। इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रबन्धक द्वारा कहा गया कि समस्त शाखा प्रबन्धको को यह निर्देश दिया गया है कि ऋण वाद से जुड़े मामलों का निस्तारण दिये गये दिशा-निर्देश के तहत करें एवं पक्षकारो को किसी तरह की परेशानी न हो। अगर कोई समस्या और पक्षकारों को काउन्सेलिंग की आवश्यक्ता हो तो वे तत्काल उन्हें प्राधिकार के कार्यालय से सम्पर्क करने अथवा प्राधिकार तक या बैंक तक लाने में सहयोग करें। राष्ट्रीय लोक अदालत में ऋण वादों में एनपीए राशि में छूट का भी प्रावधान है तथा जिन मामलों में सर्टिफिकेट केस भी दर्ज है उसका भी निस्तारण किया जाता है। इनके द्वारा कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश लोग जानकारी तथा जागरूकता के अभाव में इसका फायदा नहीं उठा पाते हैं परन्तु प्रचार-प्रसार के लिए निकला जागरूकता रथ इन्हें सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायेगा।


