अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा
बुधवार की सुबह सिंघना गांव में करमा का त्योहार शोक में बदल गया। गांव के दीपक सिंह की बड़ी बेटी आकांक्षा कुमारी (17 वर्ष) की आहर में डूबने से मौत हो गई।बुधवार सुबह लगभग 5 बजे आकांक्षा अपनी तीन सहेलियों पायल कुमारी, छाया कुमारी और पुष्पांजलि कुमारी के साथ करमा पूजा के अवशेष विसर्जन करने गांव के पोखर पर गई थी। विसर्जन के दौरान आकांक्षा फिसलकर गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। आकांक्षा को डुबते देख तीनों सहेलियों ने भी पोखर में छलांग लगा दी। चारों एक साथ डूबने लगीं। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़े और कड़े मशक्कत के बाद तीन युवतियों को डुबने से बचा लिया, लेकिन आकांक्षा नहीं बच सकी और दो घंटे की तलाश के बाद आकांक्षा का शव पोखर से बरामद हुआ। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आकांक्षा दो भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी । बताया जाता है कि आकांक्षा की शादी तय हो चुकी थी और एक साल बाद उसकी शादी होने वाली थी। लेकिन डोली से पहले ही उसकी अर्थी उठ गई। बची तीनों युवतियों को इलाज के लिए बालूगंज निजी क्लिनिक ले जाया गया, जहां से उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में तीनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।


