केन्द्रीय न्यूज डेस्क ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा
आरसीपी बाबू के बिना न कौमा न फुलस्टॉप होता था नीतीश कुमार का वो इतने अपरिहार्य थे कि जेडीयू के साथ शासन प्रशासन की भी जिम्मेवारी पूरी मजबूती से संभालते थे वैसे तो वे नौकरशाह थे यूपी कैडर के पर जब अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में नीतीश कुमार रेल मंत्री तब बतौर पीस कार्य करने के लिए जुड़े थे तब के बाद नीतीश केंद्रीय

मंत्रिमंडल में जिस भी विभाग के मंत्री बने नीतीश के साथ साये की तरह रहते आए फिर जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने तो आरसीपी बाबू महत्वपूर्ण भूमिका में रहे राज्यसभा सदस्य बने अपनी काबिलियत के बल पर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने पार्टी को वार्ड स्तर तक मजबूत बनाया पार्टी के संगठन को धारदार गतिशील बनाया मजबूत किया अन्य राज्यों में विस्तार किया उन्होंने कार्यकर्ताओं के मान सम्मान को महत्व दिया फिर आरसीपी बाबू इस्पात मंत्री बने पार्टी में उनके बढ़ते कद से सवर्ण जाति के नेता ललन सिंह संजय झा विजय चौधरी और अन्य नेताओं ने गहरी साजिश कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने का षड्यंत्र रचा सफल हो गए अब जबकि आरसीपी सिंह फिर से घर वापसी करना चाहत है नीतीश कुमार भी व्यक्तिगत तौर पर चाहते की आरसीपी जेडीयू में आए उन्होंने इसके लिए अपनी ओर से हरी झंडी भी दे रखी है फिर भी उनकी वापसी में वही सवर्ण लॉबी रोड़ा अटका रहा है क्योंकि उन्हें इस बात का भय सता रहा कि यदि वो पार्टी में इंट्री लिए तो खटिया उनकी खड़ी हो जाएगी बेलगाम घोड़े हांकना मुश्किल हो जाएगा पार्टी सरकार में मनमानी बिल्कुल नहीं चलेगी इन्हीं वजहों से आरसीपी का वो विरोध कर रहे हैं इधर नीतीश के वृद्ध अस्वस्थ कमजोर हो जाने के कारण उनके चाहने के वावजूद आरसीपी बाबू के जेडीयू में वापसी का मामला खटाई में पड़ गया है आरसीपी सिंह के कट्टर समर्थक और जेडीयू के कद्दावर नेता रहे प्रीतम सिंह का कहना है कि जेडीयू के भावी भविष्य को बचाने के लिए आरसीपी बाबू को जेडीयू में वापसी बेहद जरूरी है अन्यथा पार्टी के बिखरने का खतरा है सवर्ण नेता अपने स्वार्थ और लोभ में अंधे हो चुके है पार्टी भी लगातार कमजोर ही होती जा रही है पार्टी हित में आरसीपी बाबू की घर वापसी के साथ पार्टी में अहम भूमिका मिलेगी तभी जेडीयू बचेगी ललन सिंह और संजय झा विजय चौधरी सरीखे नेता आरसीपी सिंह की घर वापसी का विरोध कर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे पार्टी नहीं रहेगी तो वो कहां ताजा जानकारी यह है कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने हाल ही में आरसीपी बाबू से बातचीत कर कई मुद्दों पर बातचीत की है फिलहाल यही है कि नीतीश जबतक कड़ा रुख नहीं अपनाएंगे ललन संजय के विरोध के कारण उनकी वापसी की संभावना खटाई में ही पड़ी रहेगी।