पुरे रात अंधेरा में डूबा रहा अम्बा थाना क्षेत्र के दक्षिणी इलाका, आय दिन विद्युत अधिकारियों के मनमानी से ग्रामीण हो रहे तबाह, अंधेरे का लाभ उठाकर घटते रहा है अपराधिक घटनाएं


अम्बा ( औरंगाबाद ) खबर सुप्रभात समाचार सेवा


नबीनगर विद्युत अवर प्रमंडल अंतर्गत हरद्ता (अम्बा ) बिजली ग्रिड से अम्बा थाना क्षेत्र के दक्षिणी इलाके में होने वाले विद्युत आपूर्ति ग्रिड में कार्यरत कर्मियों और अधिकारियों के रहमो करम पर टिका हुआ है। जब मर्जी होगा तभी विद्युत आपूर्ति किया जायेगा नहीं तो विद्युत आपूर्ति नहीं होगा। यह कहानी एक – दो दिनों का नहीं बल्कि आय दिन का है। बताते चलें कि पिछले साल यानी वर्ष 2025 के संभवतः जनवरी महिने में परता बिगहा पर एक किसान के खलिहान में अपराधियों ने हजारों बोझा धान को जला कर राख में तब्दील कर दिया था। पिडीत किसान और आसपास के लोगों को मानें तो घटना के कुछ ही समय पूर्व बिजली गुल हो गई थी। और तब अपराधियों ने घटना का अंज़ाम दिया था। दबे आवाज में स्थानीय लोगों को मानना था कि अपराधियों से विद्युत कर्मियों का आंतरिक संबंध है और उनके इशारे पर ही बिजली गुल हुई थी और तब अंधेरे का लाभ उठाकर हजारों बोझा धान स्वाहा कर दिया गया था। बताते चलें कि इसके बावजूद इन इलाकों में बिजली आपूर्ति आए दिन बाधित किया जाता है और ग्रामीणों के बार बार ध्यानाकृष्ट कराने के बावजूद विद्युत अधिकारियों तथा कर्मचारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। उल्लेखनीय है कि यह इलाका वर्षों से अति नक्शल प्रभाव वाला क्षेत्र रहा है और जंगल -पहाडतटीय इलाक़ा है। हालांकि अभी तो नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगा हुआ है लेकिन अवैध शराब कारोबारियों तथा अपराधियों का गतिविधियां शाम ढलने के साथ ही रात भर चलते रहता है। अंधेरे का लाभ उठाकर शराब कारोबारियों द्वारा शराब का परीवहन ग्रामीण सड़कों से हो रहा है। साथ ही आए दिन बिजली गुल होते रहने से जनजीवन प्रभावित तो हो ही रहा है बच्चों का पठन-पाठन भी बाधित हो रहा है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों के शौचालय से लेकर किचन तक प्रभावित हो रहा है। बताते चलें कि साधन संपन्न लोग तो शोलर अथवा अन्य ब्यवस्था कर प्रकाश का इंतजाम कर लेते हैं लेकिन साधन विहिन लोग गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं और ऐसे लोगों की संख्या लगभग 80-85 प्रतिशत है। 30 जूलाई ( रविवार) को भी पुरे इलाके में विद्युत आपूर्ति ठप रहा और रात भर अंधेरे में पुरे इलाका डूबा रहा। यह तो जांच से ही सब-कुछ खुलासा होगा कि आखिर आए दिन बिजली आपूर्ति बाधित क्यों रहा करता है जबकि सरकार के सख़्त निर्देश है कि शाम होते ही बिजली आपूर्ति निर्वाध गति से किया जाये और इसके लिए यदि कोई मामूली खराबी है उसे दिन में ही ठिक कर लिया जायेगा। लेकिन यहां तो अधिकारियों और कर्मियों के मंशा और कार्य शैली पर ही सवाल खड़ा हो रहा है?