सैंकड़ों महादलित पहुंचे नवादा समाहरणालय, 5 डीसमील जमीन उपलब्ध कराने का किया मांग

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट


नवादा जिले के नवादा प्रखंड के अंतर्गत ऊपर के निर्देशानुसार नेशनल हाईवे 20 को अतिक्रमण से मुक्त कराने की अभियान के तहत सड़क किनारे वर्षों से बसे दर्जनों दलित परिवारों के सामने गंभीर आवासीय संकट की समस्या मुंहवाये विकराल रूप में उत्पन्न व खड़ी है। दो गांव खासकर सीतारामपुर व अमरीका बिगहा में दलितों के झोपडिय़ों पर

बिहार सरकार के मुखिया बुलडोजर बाबा का बुलडोजर चलकर सभी झुग्गी झोपड़ियों को जमींदोज कर देने से प्रभावित महादलित शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में जिला मुख्यालय नवादा पहुंचे। पीड़ितों ने डीएम को लिखित आवेदन पत्र देकर स्थाई आवास के लिए सभी भूमिहीनों को 05 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई।पीड़ित परिवारों का कहना है कि ठीक बरसात के मौसम में बिना वैकल्पिक कोई भी व्यवस्था किए बिना दलितों के झोपडिय़ों को तोड़ दिए जाने के बाद परिवार के साथ रहना काफी मुश्किल हो गया है। सिर तक छिपाने तक की जगह नहीं होने के चलते छोटे बच्चों को लेकर परेशानी बेहद बढ़ गई है। पीड़ित दलित परिवारों ने नवादा डीएम से मानवीय मूल्यों और नैतिकता के आधार पर इस संवेदनशील मामले में स्वयं पहल करते हुए स्थाई आवास के लिए जमीन तत्काल उपलब्ध कराने की मांग किया है। आवेदन देने वाले पीड़ित दलितों ने कहा कि वे लम्बे अरसों से सड़क किनारे झुग्गी झोपड़ी बना कर किसी तरह भरण-पोषण एवं जीवन-आपन करते आ रहे थे। अतिक्रमण हटाने की करवाई के बाद अब दलितों के सामने गंभीर आवासीय संकट उत्पन्न हो गई है। पीड़ितों ने ने कहा कि प्रशासन सड़क को अतिक्रमण से मुक्त करे,मगर उन्हें बसाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाए। डीएम और एसडीओ को आवेदन देने वालों में सोहन मांझी, प्रमोद साव, नीतीश मांझी, पंकज मांझी,जीतन मांझी , सतीश मांझी, सुबोध मांझी, शकुंति देवी,आसो देवी, काली देवी और रानी देवी समेत सैकड़ों लोग शामिल थे। डीएम ने एसडीओ को इसके निदान के लिए अधिकृत किया है। एसडीओ ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि आवास के लिए जमीन तत्काल उपलब्ध कराने के लिए सीओ को आदेश निर्गत कर दिया गया है। सैकड़ों घरों को अतिक्रमण के भेंट चढ़ाकर ऊनके समक्ष जीने और मरने की कृत्रिम संकट की है।