दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन के समर्थन में भाकपा ( माले) का विरोध प्रदर्शन

अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा



दिल्ली के जंतर मंतर पर 21वें दिन
शिक्षा बचाओ छात्र युवाओं का भविष्य बचाओ आमरण अनशन के समर्थन में , तथा महिला आरक्षण 2023 को तत्काल लागू करने ,को लेकर राष्ट्र व्यापी विरोध प्रदर्शन। भाकपा माले देश में हो रहे लगातार पेपर लीक के कारण लाखों छात्र युवाओं का भविष्य कैरियर को बचाने के लिए

देश के महान शिक्षा विद पर्यावरण विद सोनम वांगचुक, जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष aisa नेत्री कॉम नेहा सहित कई छात्र युवा 21 दिन से दिल्ली के जंतर मंतर पर आमरण अनशन कर रहे हैं। विदित हो कि देश में लगातार NEET पेपर लीक होने के कारण लाखों छात्रों का भविष्य कैरियर अंधकारमय हो रहा है । शिक्षा व्यवस्था एवं परीक्षा सही और पारदर्शी तरीके से कराने में सरकार पूरी तरह से असफल साबित हुई है।देश के शिक्षा मंत्री को असफलता की जवाबदेही लेते हुए तत्काल पद से इस्तीफा देना चाहिए। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण 2023 जो सदन में सर्व सम्मति से पास था उसे बिना संशोधित किए जिसमें पिछड़ी अतिपिछड़ी जाती की महिलाओं को भी आरक्षण का प्रावधान समाहित था उसे तत्काल लागू करने के सवाल पर आज भाकपा माले छात्र संगठन एवं महिला संगठन एपवा के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। विरोध प्रदर्शन भाकपा माले जिला कार्यालय शाहपुर औरंगाबाद से निकलकर मुख्य बाजार होते हुए समाहरणाल होते रमेश चौक पर पहुंचकर सभा में दबदिल हो गई। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला सचिव कॉम मुनारिक राम, महिला संगठन एपवा के जिला अध्यक्ष कॉम रिंकू देवी, जिला कमिटी सदस्य कॉम राम विजय यादव, कॉम कमलदेव पासवान, कॉम कैलाश पासवान, निर्माण मजदूर यूनियन के नेता कॉम अवधेश गिरी, टाउन सचिव कॉम अब्दुल जलील अंसारी, ने किया।
संबोधित करते हुए जिला सचिव कॉम मुनारिक राम ने कहा कि आज देश विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है हर तबका चाहे किसान, मजदूर, महिला, छात्र बेरोजगार नौजवान हो सभी लोग भाजपा सरकार के गलत नीतियों के कारण अपमानित और शर्मिंदगी महसूस कर रहा है। शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चौपट कर दिया गया, संविधान और कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है, गलत नीतियों का विरोध करने पर देशद्रोही कहकर फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं, गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं।
देश में यह पहली बार आमरण अनशन नहीं हो रहा है पूर्व में भी जब देश में कांग्रेस की सरकार थी तो अन्ना हजारे ने आमरण अनशन किया था उस समय सरकार ने सम्मेदनशीलता दिखाते हुए अनशनकारी से वार्ता कर आंदोलन को समाप्त कराया गया था।लेकिन आज भाजपा सरकार संवेदनहीन तानाशाही रवैया अपनाते हुए छात्र युवाओं की आवाज को बल पूर्वक दबाने की कोशिश कर रही है जो गैरसंवैधानिक है। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए अनशनकारी से तत्काल वार्ता कर अनशन समाप्त करवाना चाहिए, तथा असफल शिक्षा मंत्री को नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। इस अवसर पर जिला कमिटी सदस्य कॉम नरेश मेहता, देव प्रखंड सचिव कॉम सुनील यादव, अम्बा प्रखंड सचिव कॉम रमेश पासवान, डॉक्टर अब्दुल लतीफ अंसारी, कॉम कुलदीप प्रसाद, कॉम महेन्द्र राम, कॉम विजय राम, कॉम मनोरमा देवी, कॉम गंगिया देवी, कॉम अमृता देवी, कॉम रेशमी देवी, कॉम मंजू देवी सहित काफी संख्या में महिला पुरुष शामिल हुए।
मुनारिक राम
जिला सचिव
माले