नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट
नवादा जिले के अंतर्गत नवादा सड़क मार्ग पर कुझा गांव के समीप धनारजय नदी पर बना पुल ठेकेदार व भ्रष्ट कमीशनखोर नौकरशाह एवं दलाल व घोटालेबाज नेताओं के भेंट चढ़ा। ये त्रिगुट गठजोड़ ने खुलेआम घोटाला कर सरकारी राशि को लील कर पुल को जमींदोज कर आम लोगों के सामने एक गंभीर संकट और प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। यह पुल कभी भी बड़े अपूरणीय क्षति व हादसे का शिकार एवं गवाह होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
विदित हो पुल निर्माण के एक दशक के भीतर ही पुल की यह स्थिति इतनी जर्जर हो गई कि जिला प्रशासन को सुरक्षा की दृष्टिकोण से पुल के दोनों ओर पक्की ईट की दीवार खड़ी करनी पड़ी है। इस कारवाई के बाद भारी और बड़े वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। इससे दो महत्वपूर्ण चलता राजमार्गो (एनएच ,82 और पटना -रांची मार्ग) के बीच का संपर्क प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार पुल निर्माण के माध्यम से बने इस पुल के तीन पीलर निर्माण के तीन साल के अंतराल में ही क्षतिग्रस्त होकर झुक गया था। इस पुल में कुल मात्र 10 पिलर है। जब भी कोई भारी या बड़ा वाहन यहां से गुजरता है,तो पूरे पुल में जबर्दस्त कम्पन शुरू हो जाता है। पूर्व में प्रशाशन ने लोहे का वरियर लगाया था, लेकिन सत्ता संरक्षित असमाजिक तत्वों ने दूसरे नए टेंडर के लोभ में उसे मंजबरन हटा दिया। अब विभाग ने तो भारी और बड़े वाहनों के प्रवेश के निषेध का बोर्ड लगा कर पक्की दीवार खड़ी कर दी है ताकि कोई भी जोखिम न रहे।
मलमास मेले भारी परेशानी : –
बिहार राज्य के अंतर्गत विश्व प्रसिद्ध राजगीर में 16 मई 26 से शुरू मलमास मेला के कारण इस महत्वपूर्ण राजमार्गो का महत्व काफी ज्यादा बढ़ गया है। गया जी से नारदीगंज होकर राजगीर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह सबसे सुलभ और आसान रास्ता था । पुल बंद होने से यात्रियों को भी अब लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है जिससे समय,घन और मानसिक परेशानी यानी तीनों का भारी नुकसान हो रहा है।

