पीयूसीएल द्वारा मानवाधिकार विषय पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न

डीके अकेला का रिपोर्ट


३० मार्च. को नवादा जिले के अंतर्गत मानवाधिकार के सवाल पर पीयूसीएल द्वारा आयोजित २८ व २९ मार्च २६ ,दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर नगर के शिवानी होटल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले तकरीबन ४२ प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण शिविर में सक्रिय रूप से शामिल हुए। प्रशिक्षण शिविर की अध्यक्षता पीयूसीएल के जिला अध्यक्ष डॉ ओंकार निराला ने किया, जबकि मंच का

संचालन PUCL के उपाध्यक्ष स ह मशहूर कवि, साहित्यकार व चर्चित रंगकर्मी अशोक समदर्शी ने किया। प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षक के रूप में पीयूसीएल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो पुष्पेंद्र, पटना हाई कोर्ट के वरीय अधिवक्ता मानवाधिकार पर रिसर्च कर्ता डॉ गोपाल कृष्ण और आधी आबादी के प्रतिनिधि युवा इब्राना ने प्रशिक्षण शिविर को शानदार तरीके से सफल बनाने में अहम योगदान दिया। प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन शनिवार २८ मार्च को प्रो पुष्पेंद्र ने मानवाधिकार के इतिहास, वर्तमान और भविष्य पर विस्तार से जानकारी दी। पटना हाई कोर्ट के सुयोग्य व काबिल अधिवक्ता डॉ गोपाल कृष्ण ने मानवाधिकार के सवाल पर संवैधानिक कानूनी पहलुओं पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने ने बताया कि संविधान प्रदत्त अधिकारों को समाप्त करने के लिए गलत राजनैतिक तरीके को लेकर दमनात्मक क्रूर कदम प्रायोजित है। हरेक संवैधानिक अधिकार की समाप्ति के लिए पूर्वानियोत राजनैतिक कुतर्क के सहारे खात्मा करने पर उतारू है। सारे संवैधानिक नियम कानूनों में अपने लाभ व फायदा के अनुसार कार्यरत है। कानूनी तौर संवैधानिक अधिकारों का हनन किन किन रूपों में किया जा सकता है, इसका वाइसकोप आपको दिखाया जा रहा है। संविधान प्रदत्त अधिकारों को कैसे समाप्त किया जा सकता है , इसके हासिल करने के लिए हमारा क्या योगदान और दायित्व होगा ? पीएसीएल के दूसरे दिन रविवार २९ मार्च को पीयूसीएल के भावी कार्यभार के लिए भावी कार्यभार प्रयत्नशील राजनैतिक योगदान ओर तत्कालीक जिम्मेवारी क्या होगी ?