आखिर भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करने से क्यों परहेज कर रहे हैं औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक ?


औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा


पटना उच्च न्यायालय के CWJC No6922/24 के आलोक में कुटुम्बा प्रखंड के ग्राम पंचायत परता के मुखिया एवं उनके परिजनों का चल अचल संपत्ति का जांच और एफआईआर बार बार आग्रह के बावजूद औरंगाबाद के एसपी महोदय क्यों नहीं कर रहे हैं। क्या एसपी महोदय कोई राजनैतिक दबाव या फिर अन्य प्रभाव से प्रभावित है यह एक यक्ष प्रश्न खड़ा है। बिहार सरकार के भ्रष्टाचार मामले में 0 टैलरेंश पर काम करने का निर्देश का नजर अंदाज नहीं तो और क्या कहा जा सकता है। जबकि आलोक कुमार ग्राम +पोस्ट परता थाना अम्बा जिला औरंगाबाद द्वारा बार-बार अनुरोध पत्र भेजने के बाद अभी तक पुलिस अधीक्षक महोदया खामोश और चुप्पी साधे हुए हैं? बताते चलें कि आलोक ने अभी तक कई आवेदन पुलिस अधीक्षक को नीबंधीत डाक, ई मेल के माध्यम से भेजा है जेल में कारावास के दौरान भी पत्रांक 1190/दिनांक 6/4/2026 को पत्र लिखकर ध्यान आकृष्ट कराया है लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार का कारवाई करने का जानकारी संवाद लिखे जाने तक नहीं है। ऐसे में पुलिस अधीक्षक के कार्य शैली पर सवाल उठना लाजिमी है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि अनेकों भ्रष्टाचार और मनमानी का उल्लेख करने से क्षुब्ध शासन प्रशासन ने एक षड्यंत्र व कुटरचना करते हुए मुझे बार-बार फ़र्जी मुकदमे और टेबल वर्क अनुसंधान कर गिरफ्तार किया जाता है और यह सब एनडीए सरकार में ही हो रहा है।