शहीद मनीष कुमार के स्मारक, मूर्ति के अनावरण समेत पहली पुण्यतिथि हर्षोल्लास से सम्पन्न, शहीद मनीष कुमार के अद्वितीय बलिदान,त्याग व कुर्बानी हम सभी देशभक्तों के लिए बना प्रेरणास्रोत्र : विनीता मेहता

नवादा से डीके अकेला का रिपोर्ट


नवादा जिले के कौआकोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत चर्चित,सर्वविदित गांव पांडेय गंगौट के वीर सपूत एवं बेजोड़ योद्धा अमर शहीद मनीष कुमार के स्मारक और मूर्ति का अनावरण के साथ ही पहली पुण्यतिथि आज हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जन समूह का अथाह हुजूम उमड़ पड़ा।
शहीद मनीष कुमार के प्रथम पुण्यतिथि जो बेहद हर्षोल्लास के साथ साथ जिले वासियों के सहयोग और पाण्डेय गंगोट के ग्रामीणों के सजग,सतर्क अथक सार्थक अनमोल सहयोग का यह अमिट प्रत्यक्ष प्रमाण हाज़िर है।
इस ऐतिहासिक आयोजन की निर्विरोध अध्यक्षता राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित क्षेत्र से बहु चर्चित,विद्वजन ,कुशल एवं योग्य कर्मठ सेवा निवृत शिक्षक सह लोकप्रिय समाज सेवी अनूप यादव ने किया। इस बहुमूल्य मंच का सफल और शानदार संचालन जन जन में जिले के चहेता लोकप्रिय कलाकार एवं प्रखर गायक धर्मेंद्र ने किया। जिले के काफी मशहूर जनवादी लोकतांत्रिक कलाकार जितेन्द्र और धर्मेंद्र ने अपने सांस्कृतिक टीम के साथ ऐसा धमाका मारा व बेहतरीन समा बांधा कि सभी देशभक्तों व श्रोताओं मंत्रमुग्ध हो गए।
जिले के बड़े चर्चित हस्तियों में बेशुमार मंचशीन गोबिंदपुर के सजग वो कर्मठ लोकप्रिय विधायक विनीता मेहता, जिला पार्षद नीतीश राज और अजीत यादव समेत जदयू के नव निर्वाचित जिला अध्यक्ष कुशवाहा जी, चंद्रवंशी समाज के अगुआई करने वाले नगर के पूर्व नगर उपाध्यक्ष सरोज सिंह तथा मगही को राष्ट्र भाषा की मान्यता प्रदान करने में सक्षम और अहम भूमिका निभाने वाले पारस सिंह की अमिट प्रयास के पथ प्रदर्शक के रूप में विश्व सुविख्यात है।मानवाधिकार की सुरक्षा और संरचना में पाण्डेय गंगोट पंचायत की जनता की बेमिसाल जगजाहिर भूमिका से असहमति और विरोध का कहीं कोई और सवाल व हिसाब नहीं है। इस ऐतिहासिक मंच का संचालन कर्ता और संयोजक ने बताया कि शहीद मनीष कुमार का पुण्यतिथि हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। ग्रामीण जनता का यह यह प्रमुख और प्रधान कार्य प्राथमिकता में है। पीयूसीएल के राष्ट्रीय पार्षद दिनेश कुमार अकेला ने कहा कि यह लोकप्रिय कार्यक्रम निर्विवाद यहां चलता ही रहेगा। आप सभी सज्जनों व देशभक्तों से देश के सजग एवं सतर्क प्रयास तथा Vi यथासंभव आर्थिक योगदान देते हुए भावी इतिहास के पन्नों में अपना प्रत्यश दर्ज कराने के साहस व दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने में कोई कोताही न बरते।