डायन बताकर दलित पति पत्नी का सर मुंडन करने वाले नामजद आरोपित बाढ़ो ठाकुर की हालत नाजुक

डीके अकेला का रिपोर्ट



नवादा,१६ मार्च : जिले के अंतर्गत हिसुआ नगर पर्षद के पांचू गढ़ दलित टोला,वार्ड नंबर: ०५ में हुई रोंगटे खड़े कर देने वाली मॉब लींन्चिंग की बेहद दर्दनाक घटना का एक मुख्य आरोपित बाढ़ो ठाकुर मंडल कारा नवादा में इन दिनों जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। जेल में बंद रहने के दौरान तबीयत बहुत बिगड़ने पर उसे नवादा सदर अस्पताल से पटना के PMCH रेफर किया गया था। सात दिनों तक आइसीयू में रहने के बाद उसे पुनः नवादा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। इससे उसके परिजन काफी डरे हुए हैं।
गौरतलब है कि पिछले साल २७ अगस्त २५ को अंधविश्वास व पाखंड के नाम पर घोर क्रूर अमानुषिक घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया था। नगर पर्षद हिसुआ पांचू गढ़ के दलित टोला के निर्दोष मासूम गया मांझी और उनकी पत्नी को *डायन * बताकर भीड़ ने उन पर जानलेवा निर्मम हमला बोल दिया था। दलित पति पत्नी दोनों का सर मुंडन कर चेहरे पर चुना व कालिख पोतकर और जूते चप्पल की माला पहनाने के साथ मलमूत्र पिलाकर उन्हें अर्धनग्न अवस्था में पूरे मोहल्ले में हृदयहीनता से घुमाया गया था। इस क्रूर अमानवीय ढंग से निर्मम पिटाई में गया मांझी की मौत घटना स्थल पर ही हो गई थी। जबकि गया मांझी की पत्नी को भीडतंत्र द्वारा जिंदा जला देने की घृणित कुप्रयास किया गया था , लेकिन घटना की सूचना पर पुलिस के पहुंचने पर गया मांझी की पत्नी को मौत के मुंह से बाहर निकाला। नवादा एसपी अभिनव धीमान की सक्रियता पर दर्जनों लोगों को नामजद कर जेल भेजा गया था।
भीड़ के दबाव में बाढ़ो ठाकुर ने किया था मुंडन,जिसका अब असहनीय पीड़ा और सजा भुगत रहा है : मॉब लींन्चिंग के दरम्यान ठाकुर पर आरोप है कि उसने मुहल्ले वालों के दबाव में आकर गया मांझी और उनकी पत्नी की सर मुंडन किया था। बाढ़ो ठाकुर के बेटे राहुल कुमार और पत्नी संजू देवी ने बताया कि वह जेल में पिछले एक महीने से गंभीर रूप से बीमार है उन्हें सांस लेने में काफी तकलीफ, हफ़नी और हृदय संबंधित बेहद गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं । बाढ़ो के परिजनों का कहना है कि सरकारी इलाज के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हो रहा है और वे लोग सब उनकी जान को लेकर काफी चिंतित एवं आशंकित हैं।
बेहतर ईलाज की फरियाद :
+++++++++++++++++
बाढ़ो ठाकुर के परिजनों ने जिला प्रशासन से उसके बेहतर ईलाज की मार्मिक गुहार लगाईं है। पत्नी संजू देवी का कहना है कि वह लोगों के कहने और दबाव में ही भीड़ का हिस्सा बना था और जिसकी सजा आज भुगत रहा है। वर्तमान में सदर अस्पताल नवादा में बाढ़ो ठाकुर का इलाज चल रहा है, स्थिति अब भी बेहद नाजुक वो चिंताजनक बनी हुई है। जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
घटित घटना की पृष्ठभूमि :


घटना की तिथि : २७ अगस्त २०२५.
स्थान : पांचू गढ़ दलित टोला,
हिसुआ, नवादा (बिहार).
मुख्य आरोप : डायन व ओझा बताकर हत्या और प्रताड़ना.
आरोपित की स्थिति : एक माह से गंभीर बीमार , पीएमसीएच के आईसीयू से रिटर्न पेशेंट।