मानवाधिकारों, मानवता व लोक स्वतंत्रताओ की रक्षा और मानवीय मूल्यों को प्रोत्साहन देने हेतु दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ें

डीके अकेला का रिपोर्ट

प्रिय देशप्रेमियों व मित्रों, मानवाधिकार से जुड़े लोक प्रिय व बहुचर्चित लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की स्थापना लोक नायक जयप्रकाश नारायण ने आपातकाल में अक्टूबर माह १९७६ में की थी। देश की राजधानी दिल्ली में आचार्य जे.बी. कृपलानी ने इस ऐतिहासिक सम्मेलन का उद्घाटन किया। शुरू में यह संस्था ( PUCL) सदस्यता पर आधारित नहीं थी।२२ व २३ नवंबर १९८० को दिल्ली में एक अखिल भारतीय सम्मेलन में सदस्यता पर आधारित संस्था का जमीनी मूर्त रूप दिया गया। पीयूसीएल के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश वी. एम.तारकुंडे बने। कालांतर में राष्ट्रीय अध्यक्ष दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र सच्चर बने।
वर्तमान में अभी राष्ट्रीय अध्यक्ष मशहूर महिला नेत्री कविता श्रीवास्तव हैं। दिल्ली सम्मेलन में पीयूसीएल का संविधान अपनाया गया, जो निम्नलिखित है : ” देश के जो भी व्यक्ति पीयूसीएल के उद्देश्यों और लक्ष्यों का अनुमोदन तहेदिल से करते हैं तथा इसके विनियमों व अधिनियमों से पूर्ण सहमत हो तो वैसे व्यक्ति इस संस्था में शामिल होने और मदद करने के लिए सादर आमंत्रित हैं।
संविधान (१५अप्रैल १९९९ तक हुए संशोधन सहित) : मानवाधिकार से जुड़े इस संस्था का नाम लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) होगा।
उद्देश्य और लक्ष्य : लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) भारत देश के उन सभी को जो भारत की संप्रभुता एवं लोक स्वतंत्रताओ की सुरक्षा और मानवीय मूल्यों को प्रोत्साहन देने के प्रति दृढ़ प्रतिज्ञ व संकल्पित हैं, भले ही देश के लिए राजनैतिक और आर्थिक ढांचे की उपयुक्तता के सम्बन्ध में उनमें मत भिन्नता हो, लेकिन पीयूसीएल एकजूट करने के लिए सदैव प्रयत्नशील रहेगा।
प्रिय देशभक्तों वो साथियों, पीयूसीएल नवादा जिला इकाई की दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संकट की बेहद विषम परिस्थितियों में आयोजित होने जा रही है। एक ओर सम्पूर्ण दुनिया में जबरदस्त घनघोर उथल पुथल मचा हुआ है। दूसरी ओर पूरी दुनिया आज विश्वयुद्ध के ख़तरनाक मुहाने पर खड़ी है। विश्व के कई देशों में रातदिन बमों, मिसाइलों, ड्रोनों की मूसलाधार बारिश हो रही है। दुनिया में और खासकर अपने देश में कहीं धर्मयुद्ध तो गृहयुद्ध का खुलेआम शंखनाद हो चुका है। साथ ही देश आज भयंकर गृहयुद्ध के साए में फंसकर सिसक रही है। सरकारी नाकामी को लेकर जनाक्रोश सातवें आसमान पर फुफकार छोड़ रही है। राख के नीचे आग लगा है। NDA के PM मोदी उनके मंत्री व मित्र का नाम एपस्टिन फाइल में रंगे हाथों पकड़े जाने पर विश्व आतंकवाद के सरगना,लुटेरा एवं हिटलर के अवैध औलाद डोनल्ड ट्रंप एवं कॉर्पोरेट घरानों के समक्ष सरेंडर कर कठपुतली बन गड़थ इयो कथक डांस में मस्त है जो और इधर जनता पस्त है। अतः इन विकट विषम परिस्थितियों में पीयूसीएल द्वारा आयोजित दो दिवसीय २८ व २९ मार्च २०२६ के प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के लिए सभी साधारण और आजीवन सदस्यों, समर्थकों, सहयोगियों और सभी मिडिया कर्मी सादर आमंत्रित हैं। सनद रहे कि २८ मार्च शनिवार को ११ बजे दिन से प्रशिक्षण शिविर का शुभारम्भ होगा और २९ मार्च रविवार दिन अपराह्न में समापन होगा इस ऐतिहासिक प्रशिक्षण शिविर में सक्रिय रूप से भाग जरूर लेकर लाभ उठाएं। साथ ही प्रशिक्षण शिविर को शानदार तरीके से सफल बनाने में तन मन धन से यथासंभव मदद करने की कृपा करें।
निवेदक : लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल), नवादा, बिहार।