विकास के धारा का असलियत: एक माह में भी नहीं लगा ट्रांसफार्मर, पेयजल संकट से जूझते ग्रामीण

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट

नवादा जिले के अंतर्गत पकरीबरावां प्रखंड के ग्राम धेवधा पंचायत के तहत विजयपर व धूरापर गांव में तकरीबन एक माह अधिक से बिजली विभाग में पनपे घोर कर्तव्यहीनता व लापरवाही के कारण ही ट्रांसफार्मर जला पड़ा हुआ है। इसके चलते ही तमाम आम आदमी के समक्ष पेयजल की आज उत्पन्न गंभीर जबर्दस्त कृत्रिम संकट पैदा कर दिया गया है। बिजली विभाग की गैरजिम्मेदाराना और घोर लापरवाह रवैए व जनविरोधी नीतियों एवं हरकतों के विरुद्ध ग्रामीणों में अथाह आक्रोश की आग धधक उठी है, किसी भी समय विस्फोटक रूप अख्तियार कर ले सकता है ,यह कहना बड़ा ही मुश्किल है। अविलंब एक नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग को ले यहां सब ग्रामीण एकजुट होकर संघर्षरत हैं।
विदित हो कि नवादा जिले पकरीबरावां के देवधा पंचायत के अंतर्गत विजयपुर एवं पोक्सी पंचायत के धूरापर गांव में तकरीबन एक माह से अधिक बिजली का ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। इसके बाद से दोनों गांव में बिजली आपूर्ति पूर्णतः बुरी तरह बंद व प्रभावित है। बिजली नहीं रहने से पहले सबसे ज्यादा परेशानी पेयजल संकट को लेकर हो रही है। आम लोगों को पानी पीने से लेकर खाना बनाने से स्नान करने और अन्य जरूरी घरेलू कार्यों के लिए पानी को जुटाने में रोज़ाना भारी भरकम बोझ उठाने एवं कठिनाइयों का बहुत ही ज्यादा सामना करना पड़ रहा है।
उक्त गांव के पीड़ित धर्मेंद्र मांझी,पप्पू मांझी व सीताराम मांझी ने समेत दर्जनों ग्रामीणों ने खुलेआम दृढ़ता से बताया कि ट्रांसफार्मर ख़राब होने के बाद से दोनों गांव की दैनिक जलापूर्ति व्यवस्था पूर्णतः ठप हो गई है। नल जल योजना व बिजली चलने वाले मोटर सभी बंद पड़े हैं।ऐसे विकट स्थिति में पीड़ित ग्रामीणों को दुखद मज़बूरी में मर्माहत होकर एक उदार,सभ्य व सुसंस्कृत व्यक्ति द्वारा कृषि सिंचाई के लिए तो लगाई मोटर से पानी आज तो लाना पड़ रहा है। कई यहां के परिवारों को बहुत दूर दूर तक जाकर उपलब्ध बर्तन व बाल्टी में पानी ढोने के लिए आज की 21 वीं सदी और तथाकथित सुशासन व कानून की राज में बच्चों -बुजुर्गों, छात्र – युवाओं के साथ किसान एवं मजदूरों के साथ समाज के सभी श्रमिक वर्गों के समक्ष सबसे अधिक घोर परेशानी के साए में जीने को विवश हैं। बिजली के अभाव में छात्र-छात्राओं के
पढ़ाई के साथ घरेलू व्यवस्था व व्यवसाय भी बड़ा प्रभावित होने का खामियाजा भुगतने को तैयार,वेवश और लाचार हैं
ग्रामीणों का कहना है कि यहां के ट्रांसफार्मर खराब होने की की सूचना अनगिनत बार पीड़ित ग्रामीणों की ओर से बिजली विभाग के संबंधित अधिकारियों को दी गई है। दुख के कहना पड़ रहा है कि धान रोपनी बुरी तरह से प्रभावित होने के बावजूद भी बिजली विभाग के भ्रष्ट व लतखोर अधिकारियों के कानों पर अभी तक जू तक नहीं रेंगा है। एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कदम व पहल नहीं होने से ही यहां स्थानीय लोगों में तीव्रता से आम लोगों में आक्रोश व नाराजगी बड़ी बढ़ती जा रही है। वहां के समस्याग्रस्त लोगों ने बताया कि वारिश के मौसम में भी बिजली नहीं रहने से तो कई तरह के अन्य समस्याऐं उत्पन्न हो गई है। खासकर बच्चों की पढ़ाई, मोबाइल चार्ज करने,घरेलू उपकरणों का सदुपयोग के साथ छोटे – मोटे घरेलू व्यवसाय भी गंभीर रूप से प्राभावित हो रहे हैं। सबसे गंभीर स्थिति तो पेयजल की संकट को लेकर बनी हुई है , क्योंकि स्वच्छ पेयजल नहीं उपलब्ध हो पाने के कारण लोगों में स्वास्थ्य संबंधित घोर परेशानियों का भी चिंता सता रही है। यानी चिंता की चिता में जिंदे जलने के समान ही तो बतौर भवर में चक्कर लगाने दिख रहे हैं ।
पीड़ित ग्रामीणों ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन के पदाधिकारियों से यह मांग की है कि विजयपुर और धूरापर दोनों गांव में अविलंब नया ट्रांसफार्मर लगाकर महीनों से ठप बिजली आपूर्ति को तुरंत चालू की जाए ,ताकि लोगों को तत्काल पेयजल की संकट से तो राहत मिल सके। ग्रामीणों ने खुलेआम घोषणा करते हुए संबंधित बिजली विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों को चेतावनी दे डाली है कि यहां की उत्पन्न बिजली की समस्या का जल्द स्थाई समाधान नहीं किया गया तो पीड़ित ग्रामीणों के पास या सामने आक्रोशपूर्ण संगठित जनआंदोलन के अलावा दूसरा कोई विकल्प ही अब बचा नहीं है। अधिकारी क्या कहते हैं : – इधर इस मामले में बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता अनील कुमार भारती ने कहा है कि उन्हें ट्रांसफार्मर खराब होने की अबतक कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि उक्त मामले की जानकारी प्राप्त कर जांच कराई जाएगी। यदि वह ट्रांसफार्मर खराब है तो जल्द ही उसे बदल कर वहां विद्युत आपूर्ति पूर्णतः बहाल कर दी जाएगी।।