मदनपुर से सुनील कुमार सिंह की रिपोर्ट
1970 की दशक से ही माओ की शिक्षा का गढ़ बना रहा है मदनपुर का चाल्हो पहाड़ । रामाधार सिंह, जगदीश मास्टर, पंड़ित शिराज, नथुनी बढ़ई, प्रमोद मिश्रा, शिवजी त्यागी, मदन जी,. दिना जी जैसे दर्जनों माओवादी नेताओं का माओबाद का पाठशाला रहा चाल्हो


पहाड़ की पूर्वी तलहटी में बसा पिरवाँ में बिहार सरकार द्वारा 15 जुलाई को डिग्री कॉलेज का उद्घाटन किया गया है । मदनपुर प्रखंड़ में रहते हुए भी पिरवाँ की दूरी प्रखंड़ मुख्यालय से 25 किलोमिटर के करीब है। पिरवाँ जानें के दो मार्ग है – पहला कासमा होकर तो दुसरा आमस होकर । आनन – फानन में जिला प्रशासन के द्वारा चार ट्रक सामान लाकर पिरवाँ +2 विद्यालय के कमरों में भर दिया गया है । जिले के उप विकास आयुक्त अनुपमा सिंह वी डी ओ मदनपुर डॉ. अवतुल्य कुमार आर्य, एस.एन.सिंहा कॉलेज के प्राचार्य एवं स्थानिय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शीला पट्ट का अनावरण कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर डिग्री कॉलेज मदनपुर का ताली बजाकर उद्घाटन कर दिया गया । तो उसी समय बिहार के माननिय मुख्य मंत्री सम्राट चौघरी द्वारा पुरे सुवे में 2 1 1 डिग्री कॉलेज का ऑन लाईन उद्घाटन की खाना पूर्ति की गयी । सिंहा कॉलेज से एक कर्मी आलोक कुमार का प्रति नियुक्ति भी कर दिया गया ।
अब सबाल उठ रहे हैं:- – – पिरवाँ में बुधवार को डिग्री कॉलेज का उद्घाटन हुए महज 24 घंटा भी नहीं बिते हैं, पुरे क्षेत्र में तरह – तरह की चर्चायें होनें लगी है। प्रखंड़ मुख्यालय से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस डिग्री कॉलेज में पढ़ेगा कौन ? प्रखंड़ मुख्यालय से सीधा रोड की कनेक्टीभीटी भी नहीं है। पिरवाँ में इंटर सेक्सन कब के खोले गये हैं, जिसमें मात्र 12 बच्चों का नामांकन है लेकिन वो भी एक दिन पठन – पाठन को कॉलेज नहीं आते हैं। तो ऐसे में अब सबाल उठना लाजिमी है कि जब इंटर में ही स्टुडेंट नहीं हैं तो डिग्री कॉलेज में कहाँ के बच्चे पढ़ेगें ?
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माओबाद की साये में जिनें को विवश है पिरवाँ के लोग – – – चाल्हो पहाड़ के चारो तरफ बसे गाँव से कोई न कोई माओवादी बड़ा नेतृत्व कर्ता जरूर निकला है। पिरवाँ से ही जटु यादव एवं लाला यादव, सोनारचक से भगोड़न यादव, गम्हरिया से जगदीश मास्टर, कासमा से प्रमोद मिश्रा,नाम बेला से राकेश यादव ,राजा बिगहा से विजय यादव, एवं उमेश यादव, भुईया बिगहा से नथुनी बढ़ई, संजीवन यादव एवं बिंदा यादव । तीनों का नाम जोड़ देंगे। कठौतिया से रामप्रवेश यादव, हसनपुर से कर्मचारी यादव, राजा बिगहा से रामप्रवेश यादव एवं विजय यादव, बेला से…, सलैया से बली यादव आदि । वैसे बरीआवाँ टिकवा स्थान, काली बिगहा, जयपुर, जयनगर, सरई टाँड़, वक्सी बिगहा, खैरी – इटवाँ, अपकी सहीत दर्जनों गाँवों से भी बड़ी संख्या में माओ के लीडर एवं समर्थक रहे हैं।
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दिन में भी जानें में लगता है भय:- – आम जन यदि साईकिल, मोटर साईकिल से भी दिन के उजाले में कासमा से पिरवाँ या आमस से पिरवाँ जाते हैं तो चाल्हो की वादियों से ही गुजरना पड़ता है । नतीजन दिन के उजाले में भी भय का वातावरण दिखता है। प्रशासन की भी क्या मजाल जो प्रयाप्त पुलिस बल के बिना पिरवाँ चला जाय । पिरवाँ का थाना सलैया लगता है जो चाल्हो के ठीक विपरीत तरफ ( पश्चिम ) में 20 किलोमिटर की दूरी पर स्थित है। जवकि पिरवाँ से महज दस किलोमिटर की दूरी पर ही कासमा थाना अवस्थित है तथा सलैया से पिरवाँ जानें का मार्ग भी कासमा होकर ही है। विधि व्यवस्था ठीक रखनें हेतु या तो पिरवाँ में ही नया थाना स्थापित किया जाना चाहिए या फिर सलैया की जगह कासमा थाना की ही सुरक्षा में पिरवाँ को दे दिया जाय ।
