औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा
16 मई को औरंगाबाद समाहरणालय स्थित योजना भवन में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) के बैठक बैठक सांसद सह दिशा के अध्यक्ष अभय कुशवाह के अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले के सभी माननीय विधायक भी उपस्थित थे। इसके अलावा जिला प्रशासन के सभी वरीय पदाधिकारी भी बैठक में शामिल रहे। बैठक में

योजनाओं का लाभ सभी जरुरतमंद एवं गरीबों तक पहूंचाने का बात दुहराया गया। लेकिन यह सब महज़ खानापूर्ति के अलावा और कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। बताते चलें कि जिले के कई पंचायतों में पंचायत भवन अभी भी वर्षा से लम्बीत है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए किये गये सर्वे में मनमानी एवं भ्रष्टाचार का बू साफ़ दिखाई पड़ रहा है। जो लोग संपन्न और सक्षम व्यक्ति हैं तथा उच्च पहूंच रखने वाले हैं उनका नाम सर्वे सूची में शामिल किया गया है लेकिन जो लोग गरीब, भूमिहीन तथा असहाय है और नजराना दलालों के माध्यम से नहीं दे सकते हैं वैसे लोगों का नाम सर्वे सूची में शामिल नहीं किया गया है। यदि उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाकर धरातलीय जांच कराई जाए तो सच्चाई प्रकाश में आयेगा।कुटुम्बा प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना में मनमानी एवं भ्रष्टाचार का नजारा देखने के लिए काफी है। प्रखंड के ग्राम पंचायत परता में वैसे लोगों को भी नाम सर्वे सूची में होने का जानकारी प्राप्त हुई है जिनके घरों में ट्रैक्टर,फोर व्हीलर तथा नौकरी है और संपन्न किसान भी हैं। लेकिन जो लोग भुमीहिन तथा गरीब असहाय और लचार है उनको प्राथमिकता के आधार पर सर्वे सूची में शामिल नहीं किया गया है।इसी तरह दाउदनगर प्रखंड के शमशेर नगर ग्राम पंचायत में ग्रामीणों का शिक़ायत है। सामाजिक सुधार पेंशन का भी स्थिति बद से बद्तर बना हुआ है। नल जल योजना का स्थित यह है कि मदनपुर प्रखंड के दश्वतखाप गांव में वर्षों से नल जल योजना से दलितों को मिलने वाले पेयजल आपूर्ति बाधित है ग्रामीण पानी के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं तथा लाइन में खड़े होकर अपना बारी का इंतजार कर रहे हैं।नबीनगर के दक्षिणी क्षेत्रों में कई पंचायतों में नल जल योजना पुरी तरह से बेकार साबित हो रहा है। लेकिन इसकी चिंता न तो अधिकारियों को है और नहीं जन प्रतिनिधियों को। अधिकारी और जनप्रतिनिधि केवल बैठक कर खानापूर्ति कर रहे हैं या फिर ज़मीनी हकीकत से अनजान हैं।

