अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवाकेन्द्रीय न्यूज डेस्क
नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इनका जन्म महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर उनके घर पुत्री के रूप में हुआ था, इसलिए इनका नाम ‘कात्यायनी’ पड़ा। इनकी उपासना से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में साहस, यश और पराक्रम की प्राप्ति होती है। मां कात्यायनी को शहद का भोग अत्यंत प्रिय माना जाता है।
