इसबार रक्षाबंधन पर राखी असली तथा मिठाईयाँ मिलावटी होंगी

मदनपुर से सुनील कुमार सिंह की रिपोर्ट


महिनों से बहनों नें सपना सजों रखी थी कि अबकी रक्षाबंधन पर अपनें भाईयों के कलाईयों पर रंग – बिरंगी राखी बाँधेगी एवं रंग – बिरंगी मिठाईयाँ भी खिलायेंगी । तो ऐसे बहनों को इस खबर के माध्यम से सावधान करना मेरा मकसद है – मिठाईयाँ खरीदें तो खुब जाँच – परखकर । खबर सुप्रभात न्यूज पोर्टेल के प्रतिनिधि के द्वारा कई मिठाई के छोटी -बड़ी दुकानों पर जाकर देखा गया जहाँ तीन – चार दिन पूर्व से ही कारीगर रक्षाबंधन को लेकर रंग – बिरंगी मिठाईयाँ बनानें में

लगे हैं। किसी भी मिठाई की दुकानों में दुध से रसगुल्ले या क्रीम की मिठाईयाँ तैयार होते नहीं देखा । बाजार से सागर नाम से सुखे दुध के पाउडर को पानी में घोलकर 25 % पैकेट वाला सुधा दुध मिलाकर छेना फाड़ा जा रहा है। इसी छेना में मैदा एवं रोट पाउडर तथा सुज्जी मिलाकर खुब मला जा रहा है । तत्पश्यात गोल एवं लम्बा आकार में लड्डू बनाकर चीनी के उबलती चासनी में डालकर खुब खोलानें के बाद ट्रे में सजाकर उपर से नारीयल का बुरादा, काजु, रंगीन चीज से सजाकर काउन्टर में विक्री हेतु रखे गये हैं। मोतीचुर लड्डू, मुखदल एवं सोन पपड़ी में 50 प्रतिशत अरवा चावल का पिसान एवं 50 प्रतिशत बेसन मिलाकर बनाये जाते हैं। रंगीन बनानें के लिए लाल -पीला चम्पई रंग का प्रयोग किया जाता है। इन मिलावटी महंगी मिठाईयों से तो बेहतर होगा कि बहनें अपनें भाईयों को राखी बाँधने के बाद केला -सेव, सुखे मेवे ( काजु, किश्मीस, बादाम गिरी, खजुर, पिस्ता ), मिश्री ही खिलायें तो बेहतर होगा। पैसा भी कम खर्च, स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा । वैसे बहनों की अपनी मर्जी ।