औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा
एससी-एसटी थाना औरंगाबाद में दर्ज एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमा कांड संख्या 22/23 फर्जी एवं जानबूझकर तंगो तबाह करने के उद्देश्य से करने के विरुद्ध पिडित आलोक कुमार ग्राम परता थाना अम्बा जिला औरंगाबाद ने आज ब्यवहार न्यायालय में बिहार पिडित प्रतिकर स्कैम 2014 नियम 4 के अंतर्गत परिवाद दायर

किया है। तथा एक षड्यंत्र के तहत झुठा एवं फर्जी मुकदमा करने के लिए मुकदमा के सूचक श्याम बिहारी राय उर्फ श्याम बिहारी पासवान (वर्तमान मुखिया ग्राम पंचायत परता) तथा मुखिया पुत्र नवनीत कुमार राय उर्फ नवनीत पासवान, मुखिया के पुत्र वधू व फर्जी प्रमाण पत्र पर नियोजित शिक्षिका अनिता कुमारी पति नवनित कुमार राय उर्फ नवनीत पासवान, मुखिया के तत्कालीन वाहन चालक दिलीप पासवान पिता सोहराई पासवान ग्राम हथबोर थाना अम्बा जिला औरंगाबाद एवं मुखिया के तथा रविन्द्र पाण्डेय पिता बैजनाथ पाण्डेय ग्राम परता थाना अम्बा जिला औरंगाबाद को आरोपी बनाया गया है। बताते चलें कि उक्त मुकदमा एक षड्यंत्र के तहत एससी-एसटी एक्ट को हथियार बनाते हुए किया गया था। मुकदमा को पुलिस द्वारा अंतिम प्रतिवेदन संख्या 26/2024 दिनांक 7/12/2024 को न्यायालय में समर्पित किया गया था। जो लम्बे समय तक न्यायालय में विचारन के बाद पुलिस प्रतिवेदन को स्वीकार कर लिया गया। जिसके उपरांत पिडित आलोक कुमार ने न्यायालय में बिहार पिडित प्रतिकर स्कैम 2014नियम 4 के तहत परिवाद दायर किया है।पिडित ने आरोप लगाया है कि विपक्षी गण एक नाजायज़ समुह बनाकर फर्जी (झुठा) मुकदमा दर्ज कराया था और अपने किये गए गलत (फर्जीवाड़ा) कार्यों के विरुद्ध कोई आवाज न उठे और लगातार फर्जी वाड़ा तथा मनमानी करते रहें इसके लिए तंगो तबाह करने का प्रयास था जो बेनकाब हुआ है। आलोक ने आगे बताया कि मुखिया दलित समाज से आते हैं और दलितों का ही हक और अधिकार को लूटने के लिए मनमानी एवं एससी-एसटी एक्ट को हथियार बना रहे हैं तथा समाज और खासकर दलित एवं पिछड़े वर्ग को गुमराह कर रहे हैं।