शहीद जयंत का पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, शव पहुंचते ही शोक में डूबा इलाक़ा,शहीद के नाम पर बनेगा द्वारा: विधायक प्रतिनिधि

अम्बा / औरंगाबाद अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा

देश की सेवा करते हुए एक और वीर सपूत ने अपनी जान गंवा दी। औरंगाबाद जिले के अंबा थाना क्षेत्र के रजपरसा गांव के वीर सपूत और बीएसएफ जवान जयंत कुमार (42) किशनगंज के पास भारत – बंगला देश सीमा पर ड्यूटी के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से शहीद हो गए। बुधवार सुबह शहादत की खबर आते ही पूरे गांव व इलाके में शोक

की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात जयंत कुमार किशनगंज के पास भारत – बंगला देश के बॉर्डर पर अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान सीमा क्षेत्र में तेज आंधी-पानी के साथ भीषण वज्रपात हुआ। वज्रपात की चपेट में आकर वे अचेत होकर गिर पड़े। ड्यूटी बदलने पहुंचे साथी जवानों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बुधवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। शहीद के पिता अर्जुन सिंह के अनुसार जयंत कुमार वर्ष 2002 में सीमा सुरक्षा बल (BSF )में भर्ती हुए थे। पिछले 24 वर्षों से वे लगातार देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग किशनगंज सीमा क्षेत्र में थी।
जयंत कुमार अपने पीछे पत्नी, 20 वर्षीय बेटी मुस्कान कुमारी और 17 वर्षीय बेटा अभिजीत कुमार को छोड़ गए हैं। दोनों बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। घर के इकलौते सहारे के  चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया । मौके पर उपस्थित जनसमूह ने भी शहीद जयंत कुमार को नम आंखों से श्रद्धांजलि देकर अंतिम विदाई दिये। ग्रामीणों ने शहीद जयंत कुमार के नाम पर द्वारा बनाने का मांग सरकार व जिला प्रशासन से कर रहे थे। स्थानीय कुटुम्बा विधायक ललन भुईयां के प्रतिनिधि सौरभ पाठक ने ग्रामीणों के मांगों का जायज बताते हुए कहे कि इस संबंध में विधायक ललन भुईयां से बातचीत हुई है और वे भी सहमति जताते हुए ग्रामीणों के मांग को जिलाधिकारी के पास अविलम्ब अनुसंशा भेजेंगे। विधायक प्रतिनिधि सौरभ पाठक ने बल देते हुए कहे कि प्रयास होगा कि वर्ष 2026 में ही शहीद के नाम पर द्वार का निर्माण हो सके।