क्या हुआ तेरा वायदा, खेतों में नहीं पहुँचा अबतक लाल पानी

मदनपुर से सुनील कुमार सिंह की रीपोर्ट


1970 की दशक से ही मदनपुर के किसान राजकरण के नेताओं द्वारा झुठे वायदे से ठगी का शिकार होते रहे हैं। जब – जब चुनाव चुनाब का मौसम आता है, तब – त्तब यह वादा होते रहता है कि मुझे वोट देकर जितायें । मैं इसबार आपके खेतों में लाल पानी जरूर पहुंचा दुँगा । चुनाव समाप्त होते ही किसानों की सुधी लेनें वाला कोई नहीं । खेतों में पड़ी दरारें तथा किसानों के माथे की सिकन यह साफ बताती है कि

इसबार चुनाव में भी आप ठगे गये हो। काहे को नहर में पानी – सिर्फ नेताओं के वायदे के फसल तैयार होते हैं। कोई यह कहकर मंत्री बना कि – आपका नेता कैसा हो, नहर में कुदाल चलानें वाला जैसा हो। उत्तर कोयल नहर के साथ -साथ गिद्धवा नाला तथा अंड़बोरवा नाला से हर हाल में सिंचाई ववस्था बहाल करेंगे। बाद के चुनावों में तथा कथित उत्तर कोयल नहर पर पदयात्रा चलाकर पूर्णिया से निर्दलिय सांसद बन गये तो कोई औरंगाबाद लोकसभा से माननीय बनकर नहर पर पूजा कर आँजन बाजार में सभा कर वादा किया कि मैं ही भगीरथ बनुँगा तथा उत्तर कोयल नहर के अधुरे कार्य को पुरा कराकर इसी साल मदनपुर, गुरुआ एवं गुडारू के खेतों में लाल पानी पहुँचा दूँगा । जनता ऐनें – ओनें मत देखे, सिर्फ मैं ही तारणहार हूँ । नतीजा सिफर । खेतों में दरार, किसानों के माथें पर पसीना सभी सवालों का जबाब देनें को तैयार है । क्या राजकरण, सिर्फ झुठे वायदों पर ही टिका है ? पुछता है भारत ?