नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट
नवादा जिले में साइबर अपराधी माफिया गिरोह लंबे समय से सक्रिय है। साइबर अपराध के मामले में नवादा ने तो जामताड़ा को भी काफ़ी पीछे छोड़ कर बहुत ही आगे निकल चुका है। साइबर अपराधियों के सामने पुलिस बौनी नज़र पड़ रही है। साइबर अपराधियों एवं पुलिस के बीच सह और मात का खेल अनवरत से जारी है। पुलिस और साइबर अपराधियों के बीच मेल है बेमेल यह तो जांच का विषय है।
ऑनलाइन इनवेस्टमेंट और बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।नवादा के साइबर थाना की विशेष जांच टीम ने तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कारवाई वारसलीगंज थानाक्षेत्र के चर्चित चकवाय गांव में छापेमारी के दरम्यान हुई। गिरफ्तार आरोपियों में चकवाय
निवासी 30 वर्षीय नीतीश कुमार, नालंदा के सरमेरा थाना क्षेत्र के चेरू निवासी 25 वर्षीय सिंटू कुमार और नालंदा के थाना क्षेत्र के उतरथू निवासी 36 वर्षीय नीतीश कुमार शामिल हैं। पूछताछ में दौरान तीनों आरोपी ने स्वीकार किया कि अधिक मुनाफे का प्रलोभन देकर ही ऑनलाइन इनवेस्टमेंट और बैंक लोन प्रोसेसिंग के नाम पर ही साइबर ठगी करते थे। छापेमारी में आरोपियों के पास से कुल 75,800 हजार रूपये नगद, तीन स्मार्ट मोबाइल फोन एक कीपैड मोबाइल बरामद हुआ है। बरामद मोबाइल फोन की तकनीकी जांच हो रही है। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
इस संवेदनशील मामले में साइबर थाना कांड संख्या 64/26 दर्ज हुआ है। भारतीय संविधान की न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में आगे की करवाई चल रही है। कारवाई का नेतृत्व साइबर थाना के पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष मो. शाहनवाज अख्तर ने किया। अभियान में साइबर थाना के पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। पुलिस केंद्र नवादा की स्वाट टीम भी साथ रही। पुलिस अधिकारी के मुताबिक पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सघन पुलिस छापेमारी युद्धस्तर पर तेज है।


