पटना PMCH बना गुंडा डाक्टरों का अड्डा, बेटा बेटी के सामने बाप की मौत, शिकायत करने पर डाक्टरों ने किया परिजनों को पीटाई, क्या गुंडा राज को समाप्त कर पायेंगे स्वास्थ्य मंत्री निशांत?

पटना संवाद सूत्र ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा

पीएम सीएच पटना में एक पिता की मौत बेटा बेटी के सामने महज एक इंजेक्शन नहीं लगने से तड़प तड़प कर मौत हो गई। यह घटना सोमवार को बताया जा रहा है। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि जब जेनरल वार्ड में रात्रि को एक भी डाक्टर नहीं थे तो पेसेंट को इमरजेंसी वार्ड में डाक्टरों से देखने के लिए गुहार लगाया गया लेकिन एक नर्स से इंजेक्शन लगाने का परिजनों ने गुहार लगाते रहे लेकिन

हंगामा करते मृतक के परिजन

इंजेक्शन नहीं लगाया गया और डाक्टर भी देखते रहे। फलस्वरूप बेटे – बेटी के सामने एक इंजेक्शन नहीं लगाए जाने के कारण  बाप की मौत तड़प तड़प कर मौत हो गई। बेरहमी का हद तब हो गया जब पीड़ित परिजनों ने मामले को शिक़ायत किया और पीएमसीएच में बदइंतजामी और कुब्यवस्था का अपने मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। विडियो बनाते देख डाक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा न सिर्फ मोबाइल छीन कर विडियो को डिलीट कर दिया गया बल्कि बेरहमी से पीटाई भी कर दिया गया।  मोकामा के सम्यागढ के सुरेन्द्र शर्मा के रुप में मृतक की पहचान हुई है। बताते चलें कि इस तरह के घटना पीएमसीएच में आए दिन होते रहा है और इस मामले में मनीष कश्यप भी भुक्तभोगी हुए हैं। अब सवाल यह उठता है कि पीएमसीएच में डाक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का हर्षों से स्थापित गुंडा राज को समाप्त करने में आखिर सरकार असफल कैसे साबित हो रही है यह एक गंभीर मामला है। क्या इन डाक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का संरक्षण सत्ता के गलियारों से तो नहीं मिल रहा है यह एक यक्ष प्रश्न आम अवाम के समक्ष खड़ा हो रहा है। यदि नहीं तो क्या स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पीएमसीएच में वर्षों से स्थापित हो चुके डाक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों का गुंडा राज का अंत कर पायेंगे या फिर गुंडा राज स्थापित रहेगा पीएमसीएच में?