अम्बा ( औरंगाबाद )खबर सुप्रभात समाचार सेवा
वैसे तो पुरे बिहार प्रदेश में लूट व भ्रष्टाचार का गंगोत्री बह रहा है। लेकिन औरंगाबाद जिले में लूट का गंगोत्री नहीं सागर बह रहा है। और इसका ताजा उदाहरण कुटुम्बा प्रखंड के एरका कालोनी से जगई फाल तक उत्तर कोयल नहर पर महज़ तीन माह पूर्व बने पीच रोड़ है। तीन माह में ही रोड़ टुटकर बिखरने लगा है और कहीं कहीं रोड़ पर गढ़ा भी बन गया है। तीन माह में ही जब इस नव निर्मित पथ का खस्ता हाल आखिर लूट और भ्रष्टाचार का सागर नहीं तो और क्या कहा जा सकता है? अब सवाल यह उठता है कि पथ निर्माण के नाम पर घोटाला व भ्रष्टाचार का इस खेल में कौन-कौन से लोग शामिल हैं यह उच्चस्तरीय जांच से ही मामला प्रकाश में आयेगा। वैसे ग्रामीणों को मानें तो इतना बड़ा घोटाला केवल संवेदक (ठेकेदार) को अकेले करने का दुस्साहस नहीं हो सका। जब-तक इस धोटाले और भ्रष्टाचार के सागर में बड़ा मगरमच्छ डुबकी नहीं लगायेगा तब तक संभव नहीं है कि घोटाला और भ्रष्टाचार हो जाये। और यदि बड़े मगरमच्छ इस घपला – घोटाला के खेल में शामिल नहीं है तो फिर अभी तक जांच और कारवाई क्यों नहीं यह भी एक अहम् सवाल खड़ा हो रहा है। इस पथ से शासन – प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के वाहन गुजरता है तो क्या सभी लोग आंख बंद कर गुजरते हैं यह भी सवाल ग्रामीणों के बीच खड़ा हो रहा है।


