औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा
पटना उच्च न्यायालय के आदेशानुसार पुरे राज्य में 2005से 2015तक हुए नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्र का जांच शुरू हुआ था। औरंगाबाद में भी जांच के आहट के बाद फर्जी प्रमाण पत्रों पर नियोजित शिक्षकों,नियोजन इकाई तथा विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ था। लेकिन निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जांच प्रक्रिया अभी तक मंद गति से चलने के कारण अब जिलेवासियों के बीच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पर सवाल उठने लगा है। जिले में फर्जी प्रमाण पत्रों पर शिक्षक नियोजन का भरमार है लेकिन जानकारी के अनुसार जिले में फर्जी प्रमाण पत्र पर नियोजित शिक्षक तक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का हाथ अपेक्षाकृत नहीं पहुंच सका है। औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परता में नियोजित शिक्षिका अनीता कुमारी पति नवनित कुमार का नियोजन पुरी तरह से फर्जी प्रमाण पत्र पर हुआ है और फर्जी प्रमाण पत्र सहित अन्य साक्ष्य भी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो तथा जिला अधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजा गया है लेकिन अभी तक जांच और कारवाई नहीं होना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो सहित जिला प्रशासन पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जानकारी के अनुसार जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का जांच अंतिम चरण में पहुंच गया है लेकिन अनीता कुमारी पति नवनित कुमार राय तक जांच का आंच नहीं पहुंच सका है। वैसे तो कुटुम्बा प्रखंड में फर्जी प्रमाण पत्र पर नियोजित शिक्षकों का भरमार है लेकिन आश्चर्य है कि अनीता कुमारी मैट्रिक के पहले ही उपशास्त्री (इंटर ) पास कर चुकी है। फलस्वरूप जांच भी भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ रहा है यह जिलावासियों को संदेह है।
