देश में जब फेंक न्यूज, पेड़ न्यूज और चाटुकारिता करने वाले पत्रकारों का बाढ़ हो तो समझिए अब देश बचाना एक गंभीर चुनौती हम सभी को है , बिहार के औरंगाबाद में भी फेंक न्यूज और जिलाधिकारी के मनमानी का जांच तथा मिडिया में बहस होगा?
आलोक कुमार संपादक सह निदेशक खबर सुप्रभात आज मैं काफी शर्मिंदा हूं और दारुण कष्टों के साथ लिखने के लिए मजबूर हो रहा हुं। चुके भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश के चतुर्थ खंभा (पत्रकारिता) के नाम पर फेंक न्यूज, पेड़ न्यूज और चाटुकारिता करने वाले पत्रकारों का भरमार है। पत्रकारिता धर्म सिर्फ सुनने और पढ़ने