वेदप्रकाश का रिपोर्ट
देश में किसानों-मजदूरों को एकजुट होकर 2023 का साल सड़कों पर संघर्ष करने के लिए तैयार हो जाना होगा। तभी देश के किसान की किसानी का मोल और मजदूर की मजदूरी बच सकेगी।
उक्त विचार संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय नेता डा. दर्शन पाल ने क्रांतिकारी किसान यूनियन द्वारा आयोजित किसान मजदूर महापंचायत में व्यक्त किए। उन्होंने अपने संबोधन की शुरूआत में दारापुर और आसपास के गांव में सुभाष चंद्र बोस और महेन्द्र सिंह टिकैत की कार्यस्थली को अपना नमन प्रस्तुत किया।
डा. दर्शन पाल देश में मंडियों में होने वाली लूट की ओर इशारा करते हुए इस लूट को बंद करने के लिए किसानों को आंदोलन करने का आह्वान किया। वहीं यूपी में पंजाब की तरह किसानों क मुफ्त बिजली के लिए मजबूत आंदोलन के कमर कसने और संघर्ष की अपील की। कृषि कनैक्शनों पर बिजली मीटर हटाने के विरोध का भी आह्वान किया। उन्होंनें देश के किसानों-क
मजदूरों की बदतर हालत पर इशारा किया, हर घंटे 2 किसान आत्महत्या करने को मजबूर है। किसानों-मजदूरों की माली हालत इतनी बदतर है कि वे इतनी महंगी शिक्षा, महंगा इलाज और इतनी महंगी बिजली का मौल चुकाने के काबिल नहीं, ऐसे में सरकार की ड्यूटी है ये सभी सुविधाएं उसे मुफ्त दें। सरकार किसान की खेती की लागत को कम करें और एम एस पी की कानूनी गारंटी की मांग को पूरा करें। तब जाकर किसान का जीवन बच सकेगा।
किसान आंदोलन की आगामी रणनीति पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के निर्णय कर लिया है शहीद भगत सिंह के शहादत दिवस 23 मार्च को किसान दोबारा दिल्ली घेरेंगें। दिल्ली मोर्चे से वापसी के समय सरकार ने देश के किसानों से जो वायदे किए उनसे वह मुकर रही है। किसान आंदोलन में सक्रिय नेताओं पर फर्जी मुकदमें थोपे जा रहे हैं, लखीमपुर खीरी हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता अजय मिश्र टैनी तमाम विरोध के बावजूद मंत्री बने हुए। इन हालातों किसानों-मजदूरों में भारी आक्रोश हैं, सरकार ने समय रहते किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया तो देश में कमेरों और लुटेरों के बीच संघर्ष और तेज होंगें।
पंचायत को उनके अलावा पंजाब के महासचिव गुरमीत सिंह महमा, प्रेस सचिव गुरमीत सिंह महमा, बिहार संयोजक मनोज कुमार, सुबोध कुमार राजस्थान से प्रह्लाद कुलहरी, एटा से डा. हरीसिंह यादव, हाथरस से देवेन्द्र राना, राजेश आजाद, लखनऊ से कमलेश यादव, प्रो अशोक प्रकाश, रमेशचन्द्र विद्रोही आदि प्रमुख किसान मजदूर नेताओं ने संबोधित किया। संचालन यूनियन राज्य प्रभारी एवं एसकेएम मीडिया प्रभारी शशिकान्त, मंडल प्रभारी सुरेश चन्द्र गांधी और जिला प्रभारी नगेन्द्र चौधरी ने संयुक्त रूप से किया।

पश्चिमी यूपी प्रभारी गजेन्द्र सिंह ने सभी किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं का महापंचायत में शामिल होने पर धन्यवाद ज्ञापित किया।
महापंचायत दारापुर गांव के एक स्कूल ग्राउंड में संपन्न हुई। डा. दर्शन पाल 1 फरवरी की रात को ही अलीगढ आ गए। रात्रि विश्राम अलीगढ में एक होटल में किया। डा. दर्शन पाल को स्टेडियम से किसान कार्यकर्ता ट्रेक्टर -गाडियों की रैली के साथ पंचायत स्थल तक ले गए। रास्ते भर किसानों ने जमकर नारेबाजी की।
किसान संगठनों के नेताओं ने एसकेएम के राष्ट्रीय नेता का भव्य स्वागत किया-
क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष और संयुक्त किसान मोर्चा कोर्डीनेटर दर्शन पाल का पंचायत के दौरान जय किसान आन्दोलन के प्रदेश कमेटी सदस्य आत्मप्रकाश, किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य इदरीश मोहम्मद, जिलाध्यक्ष सूरजपाल उपाध्याय, बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के अशोक प्रकाश, मजदूर किसान एकता मंच राजेश आजाद, भारतीय किसान यूनियन के जिला संयोजक राम अवतार यादव, देवेन्द्र यादव, भाकियू किसान सेना के जितेन्द्र यादव, भारतीय किसान श्रमिक संगठन के कमलेश यादव ने स्वागत किया।