4.56करोड से बने डायवर्सन का आखिर उच्चस्तरीय जांच कब होगा? कुटुम्बा के प्रखंड प्रमुख भी जिला प्रशासन के कार्य शैली पर उठये सवाल


औरंगाबाद ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा


औरंगाबाद जिले में चल रहे विकास कार्यों तथा विकास मद्द की राशि को भ्रष्टाचार का भेंट निर्भिकता पूर्वक चढ़ा दिया जा रहा है। इतना ही नहीं भ्रष्टाचार और घपले घोटाले तथा कार्यों में लपरावाही के विरुद्ध उठने वाले हर आवाज को बड़े ही बेशर्मी से कुंद करने और भयभीत तथा डराने के उद्देश्य से अधिकारियों, बिचौलिए तथा कुछ तथा कथित गोदी मिडिया

बटाने दुमुहान पर 4 करोड़ 56 लाख रुपए से बने डायवर्सन

के गंठजोड़ से षड्यंत्र भी रचा जा रहा है। यहां तक कि फर्जी मुकदमों में फंसाने तथा टेबल वर्क अनुसंधान किया जा रहा है। इस लिए कि लूट भ्रष्टाचार और लपरावाही का पोल खोलने का साहस न तो आम नागरिक जुटा सके और नहीं कोई सोशल प्लेटफार्म से उठ सके। गोदी मिडिया का तो कहानी ही कुछ और है। हाल के दिनों में जिले में सरकारी राशि का बंदरबांट और घपला -घोटाला का चर्चा चहुंओर व्याप्त है। बताते चलें कि एनएच 139 पर अम्बा के नजदीक डायवर्सन का निर्माण 4करोड 56 लाख रुपए से बनाया गया। लगभग 500से 600 मीटर लम्बाई तथा लगभग 07 मीटर चौड़ाई वाले डायवर्सन में लगभग 100 मिटर होम पाईप पानी के निकास के लिए लगाया गया है। डायवर्सन निर्माण के नाम पर खर्च किए गए राशि का जो ब्योरा उपलब्ध है उससे घपला -घोटाला का खेल होने का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है और घपला -घोटाला का चहुंओर चर्चा भी व्याप्त है। मंगलवार (3नवम्बर 26) को कुटुम्बा के प्रखंड प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार ने भी ख़बर सुप्रभात को दिए गए एक इंटरव्यू में स्वीकार करते हैं कि डायवर्सन निर्माण के नाम पर घपला -घोटाला का खेल हुआ है। इतना ही नहीं घपला -घोटाला का चहुंओर चर्चा के बावजूद अभी तक उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने से उन्होंने जिला प्रशासन के कार्य कलाप पर भी उंगली उठाते हुए गंभीर चिंता व्यक्त किये हैं। अब सवाल उठता है कि इस बड़े पैमाने पर हुए घपले घोटाले का आख़िर उच्चस्तरीय जांच कौन करायेगा और इसके लिए जिम्मेवार लोगों पर कारवाई कब होगा? यह एक यक्ष प्रश्न महिनों से सरकार और जिला प्रशासन तथा चुने हुए सम्मानित जनप्रतिनिधियों के समक्ष खड़ा है।