गजना महोत्सव के मंच से पूर्व विधायक ने जिलाधिकारी को समस्याओं के प्रति कराया ध्यानाकृष्ट, महोत्सव बना लूट का जरिया, 15 लाख खर्च लेकिन बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव

नबीनगर/ औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा


औरंगाबाद जिले में गजना महोत्सव बड़े धुमधाम से कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजन किया गया । महोत्सव से जुड़े पदाधिकारियों की मानें तो 2002 से प्रतिवर्ष गजना महोत्सव ‘ कला एवं संस्कृति विभाग ‘ बिहार सरकार द्वारा मनाया जाता है। इस महोत्सव को मनाने में सरकार के बजट से 15 लाख रुपये खर्च किए गये। भले प्रचार -प्रसार के अभाव में भीड़ थोड़ी कम जुटी, कुर्सियाँ खाली रह गयी । लेकिन टेंट, पण्ड़ाल, भब्य मंच, बाहर से कलाकार बुलानें, नास्ता – पानी, उपहार, भोजन मद में पूर्ण आवंटित राशि

गजना महोत्सव को संबोधित करते पूर्व विधायक डब्लू सिंह

खर्च कर दी गयी । मंच से उपस्थित जन समूह एवं जिले के आला अधिकारियों के समझ बोलते हुए नवीनगर के पूर्व विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लु सिंह नें कहा कि – गजना महोत्सव में नाच – गाना पर इतनी बड़ी राशि खर्च करनें से क्या हो जायेगा ? इससे इस क्षेत्र एवं मंदिर का विकास थोड़े ही हो जायेगा । सरकार को चाहिए कि यहाँ की बुनियादी सुविधायें सड़क, पानी, बिजली, सार्वजनिक शौचालय निर्माण करानें पर फोकस करे। मंदिर परिसर में स्थायी लाईट की नहीं होनें से तीर्थ यात्रियों को काफी परेशानी होती है। सार्वजनिक शौचालय नहीं होनें से दर्शनार्थी कररवार नदी में ही शौचालय एवं स्नान भी करते हैं। यह इलका दो राज्यों की सीमा पर स्थित है। कररबार नदी के इसपार बिहार राज्य तथा नदी के उस पार झारखण्ड़ राज्य की सीमायें शुरू होती है। यदि वारुण से नवीनगर – गजनाधाम होते झारखण्ड़ के छत्तरपुर तक इस सड़क को चौड़ीकरण कर मिला दिया जाता है तो यहाँ आनें वाले श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी ।