संवाद सूत्र खबर सुप्रभात समाचार सेवा
मुजफ्फरपुर। बिहार विधान परिषद के तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव 23 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। इस चुनाव में शिक्षक क्षेत्र से कुल 11 प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने धनबल के कथित इस्तेमाल, मतदाताओं को प्रभावित करने तथा शिक्षकों को प्रलोभन देकर और धमकाकर मतदान के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने इन कथित अनियमितताओं की जानकारी निर्वाचन आयोग को ईमेल के माध्यम से देते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है। भाकपा के

महागठबंधन समर्थित प्रत्याशी प्रो. संजय कुमार सिंह के समर्थन में पार्टी नेताओं ने कहा कि वे विगत 12 वर्षों से बिहार विधान परिषद के अंदर सभी संवर्गों के शिक्षकों की आवाज बुलंद करते रहे हैं। उन्होंने सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष कर शिक्षकों के मुद्दों को उठाया है और शिक्षकों की बुलंद आवाज बने हैं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव में कुछ प्रत्याशी अनैतिक तरीके से धनबल का इस्तेमाल कर मतदाताओं को प्रभावित करने के इरादे से मैदान में उतरे हैं। वक्ताओं के अनुसार, ऐसे प्रत्याशी शिक्षकों के स्वाभिमान को खरीदने के मकसद से चुनाव लड़ रहे हैं और उनका शिक्षकों तथा उनकी समस्याओं से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। भाकपा नेताओं ने राज्य की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि माध्यमिक विद्यालयों की प्रबंधन समितियों के अध्यक्ष होने की हैसियत से एनडीए के विधायकों द्वारा शिक्षकों को एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के लिए उपहार देकर प्रलोभन दिया जा रहा है। साथ ही, शिक्षकों को धमकाकर अपने पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पार्टी ने चुनाव में की जा रही इन कथित नाजायज गतिविधियों पर निर्वाचन आयोग का ध्यान आकृष्ट कराया है। भाकपा ने ईमेल के माध्यम से आयोग को पूरे मामले की जानकारी देते हुए चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने तथा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न कराने की मांग की है। इस संबंध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सीतामढ़ी जिला कार्यालय , राज्य सचिव मंडल के सदस्य इरफान अहमद फतामी, जिला सचिव जयप्रकाश राय, ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन बिहार राज्य के सचिव गयासुद्दीन, बैजनाथ हाथी शामिल हुए
