गबन के लिए गुनाहगारों पर प्राथमिकी दर्ज करने का जिलाधिकारी के सराहनीय कार्य, बाकी अनियमितता व फर्जीवाड़ा मामले में कार्रवाई कब? जिलाधिकारी के समक्ष यक्ष सवाल

औरंगाबाद ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा

औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड कार्यालय में सरकारी राशि की अवैध निकासी का बड़ा मामला सामने आया है। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने और दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है।

जांच में पाया गया कि जून 2023 से सितंबर 2025 तक वेतन भुगतान पंजी और HRMS पोर्टल के मिलान में कुल

अभिलाषा शर्मा, जिलाधिकारी औरंगाबाद

₹23,49,638 (तेईस लाख उनचास हजार छह सौ अड़तीस रुपये) की राशि अवैध रूप से निकालकर संबंधित बैंक खाते में अंतरित की गई थी।


DM के आदेश पर BDO देव को निर्देश दिया गया है कि इस गबन के आरोप में निम्न के विरुद्ध स्थानीय थाने में BNS की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए –

जिन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश जिला अधिकारी द्वारा दिया गया है उनमें

रंजन कुमार, कार्यालय परिचारी, प्रखंड कार्यालय देव,

रिपुसुदन तिवारी, तत्कालीन प्रधान लिपिक (सेवानिवृत्त),

शशि कुमार, निम्नवर्गीय लिपिक, प्रखंड कार्यालय देव,कोषागार कार्यालय, औरंगाबाद के संबंधित Maker एवं Checkerका नाम शामिल है। वहीं जिन अधिकारियों को शोकोज नोटिस जारी किया गया है उनमें

तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी कुंदन कुमार, अंकेशा यादव, मीरा कुमारी तथा वरीय कोषागार पदाधिकारी, औरंगाबाद का नाम शामिल है।जवाब मिलने के बाद आगे की कारवाई की जायेगी।

जिला प्रशासन ने कहा है कि सरकारी राशि के दुरुपयोग के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति है और जांच के आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। लेकिन अब सवाल यह है कि जिले में कई फर्जी प्रमाण पत्र पर नियोजित शिक्षिक नौकरी कर रहे हैं और जिलाधिकारी तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी को सभी साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होना, नबीनगर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के कार्यालय में फर्जी पहचान और प्रमाण पत्र पर सुपरवाइजर के नौकरी करने की जानकारी लिखित आवेदन देने के बाद संवाद प्रेषण तक कोई जांच व कारवाई नहीं होना, प्रधानमंत्री आवास योजना में पैसा का लेन-देन और गड़बड़ी उजागर होने के बाद भी अभी तक जानकारी के अनुसार एक भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होना आज जिलाधिकारी के समक्ष यक्ष सवाल खड़ा है। तथा जिले के अवाम जिलाधिकारी से जानना चाहते हैं कि आखिर इन मामलों में जांच और कारवाई कब होगी। तथा अभी तक जांच और कारवाई नहीं होने के लिए जिम्मेवार कौन है?