औरंगाबाद ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा
औरंगाबाद जिले में अपराधिक घटनाओं का बाढ़ लगा हुआ है। अपराधियों द्वारा सुशासन और कानून का राज तथा पुलिस ब्यवस्था को लगातार चुनौती दिया जा रहा है। बताते चलें कि पेशर थाना क्षेत्र में एक सीएसपी संचालक को दिनदहाड़े अपराधियों द्वारा गोली मारकर गंभीर रुप से ज़ख्मी कर दिया तथा तीन लाख रुपए लूट कर भागने में सफल रहा। घायल सीएसपी संचालक को सदर अस्पताल औरंगाबाद से एमएमसीएच रेफर कर दिया गया है। हालांकि घटना के बाद पुलिस अधीक्षक दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और अपराधियों को पकड़ने तथा अन्य आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिए। लेकिन संवाद लिखे जाने तक अपराधियों का गिरफ्तारी नहीं होने का जानकारी मिल रही है। इसी तरह जिले के ढिबरा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग युवती के साथ बालात्कार करने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में भीम आर्मी तथा आज़ाद समाज पार्टी ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद दो दिनों तक स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज नहीं किया गया। यदि भीम आर्मी व आज़ाद समाज पार्टी का आरोप की ऐसे जघन्य अपराध के मामले में दो दिनों तक प्राथमिकी दर्ज नहीं किया गया तो मामला और ही भयावह स्थिति होने का बायां कर रहा है। बताते चलें कि आज के कुछ ही दिनों पूर्व कुटुम्बा थाना क्षेत्र में भी एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप की घटना घटित हुई और अब इसी तरह ढिबरा थाना क्षेत्र में भी बालात्कार की घटना से जिले में सुशासन और कानून का राज पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो रहा है। इसके साथ ही अपराधियों द्वारा पुलिस ब्यवस्था को लगातार चुनौती दिया जा रहा है यह कहने में कोई गुरेज नहीं होगा। कुटुम्बा थाना क्षेत्र में दलित समुदाय के नबालिक के साथ गैंगरेप की घटना घटित हुई थी और ढिबरा थाना क्षेत्र में भी दलित समुदाय के नाबालिग लड़की के साथ बालात्कार की घटना होने की जानकारी विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त हो रही है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ढिबरा थाना क्षेत्र में जो बालात्कार की घटना घटित हुई है उसका आरोपी भी दलित समुदाय से ही आता है। इससे साफ़ जाहिर होता है की सचमुच में अपराधियों का कोई जाती नहीं बल्कि एक अलग जाति है और वह है अपराध।
