सुशासन व कानून के राज में 70000 हज़ार करोड़ का घोटाला, जनसुराज ने हाईकोर्ट में किया PLI दाखिल

पटना संवाद सूत्र ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा

बिहार में सुशासन और कानून का राज के बड़े बड़े दावे के बीच 70000(सतर हज़ार) करोड़ रुपए का हिसाब किताब नहीं है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG ) के रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 तक राज्य के की विभागों में खर्च का लेखा जोखा उपलब्ध नहीं है और नियंत्रक महालेखा परीक्षक (CAG ) के पास उपयोगिता प्रमाण पत्र भी जमा नहीं हुए हैं। जानकारी के अनुसार पंचायती राज विभाग में 28 हज़ार करोड़, ग्रामीण विकास विभाग में 78 सौ करोड़, शहरी विकास विभाग में 11हजार करोड़, कृषि विकास में o2 हज़ार करोड़ से ज्यादा, शिक्षा विभाग में 12हजार 6सौ 23 करोड़ इसके अलावा अन्य विभाग में भी ख़र्च किये गये राशि का लेखा जोखा नहीं है और उपयोगिता प्रमाण पत्र भी जमा नहीं किया गया है।इस तरह 70000(सतर हज़ार करोड़) राशि कहां गया और किस मद्द में खर्च हुआ है यह एक पहेली बना हुआ है। जानकारी के अनुसार मामले में जनसुराज पार्टी ने सोमवार  को पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर कर सीबीआई जांच कराने की मांग किया है। जनसुराज पार्टी को मानना है कि उक्त राशि का घोटाला हुआ है और सीबीआई जांच से इसका खुलासा होगा वहीं सरकार को दलिल है कि घोटाला नहीं बल्कि प्रक्रिया में गड़बड़ी और लापरवाही हुई है और इसे सुधार लिया जायेगा।