नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट
नवादा जिले में रजौली अनुमंडल के अंतर्गत लंगुरा पंचायत के विजवन गांव के काशीचक मोहल्ले में परसों रात बिजली की करेंट लगने से एक निरीह युवक की मौत हो गई।इस हादसे के ही बाबत 04 मासूम बच्चों और गर्भवती पत्नी का भविष्य भी अंधकार में पूर्णतः डूब गया है।पूरे गांव में भयंकर मातम व दहशत का दुखद माहौल पसरा हुआ है।मृतक की

पहचान विजवन काशीचक निवासी सुधीर राजवंशी के 28 वर्षीय पुत्र संतोष कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि मृतक संतोष शौच के लिए 9 बजे रात में बाहर निकला था। इसी दौरान बिजली के पोल के पास वह करेंट के चपेट आ गया और बेहोश होकर वहीं पर गिर पड़ा।जबतक उनके परिजन बेहोश संतोष को लेकर रजौली अस्पताल पहुंचे, तबतक देर हो चुकी थी। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर राघवेन्द्र भारती ने जांचोपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय विधायक मौके पर पहुंचे और लापरवाह बिजली विभाग के अधिकारियों को जम कर लगाई फटकार। ज्ञात हो कि विजवन गांव के लोगों की शिकायत के बावजूद भी बिजली विभाग के कानों पर जू तक नहीं रेंगा, जिसके ही कारण यह दुखद हादसा हुई। घटना की सूचना मिलते ही रजौली के भाजपा विधायक विमल राजवंशी रात में ही अस्पताल पहुंचे। उन्होंने ने आशुतोष कुमार और विकास राम से पूरी घटना की अद्यतन जानकारी ली। परिजनों और ग्रामीणों ने आए विधायक को बताया कि गांव में घरों के ऊपर एलटी तार बेहद जर्जर हालत में लटके हुए हैं। इसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से की गई,परंतु कोई ठोस करवाई अभी तक नहीं हुई, इसी लापरवाही की वजह से मासूम संतोष को जान से ही हाथ धोना पड़ा। विधायक ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई व बिजली विभाग को निर्देश दिया है कि क्षेत्र के सभी जर्जर बिजली के तारों की तत्काल मरम्मत और बदलाव कराया जाए, ताकि फिर भविष्य में इस तरह की दुखद घटना की पुनरावृति न होने पाए। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर तरह की संभावित सरकार प्रदत सुविधाएं ,हरसंभव मदद और उचित मुआवजा दिलाने की आश्वासन भी दिया।
मृतक संतोष अपने पीछे अबोध 03 और एक गर्भ में पल रहे बच्चों और गर्भवती आठ माह की पत्नी को छोड़ कर बिजली विभाग की घोर व क्रूर अमानवीय असहनीय लापरवाही के चलते ही मौत के भेंट चढ़ गया है।बड़ी बेटी 8 वर्ष,दूसरी बेटी 6 वर्ष और एक बेटा 03 वर्ष का है।परिजन में पिता एक मात्र कमाने व सहारा देने वाले संतोष के अचानक चले जाने से घर में कोहराम मच गया है। विपत्ति का भयंकर पहाड़ टूट पड़ा। पुलिस को सूचना देने पर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रंजीत कुमार के निर्देश पर अपर थानाध्यक्ष एसआई अजय कुमार और एएसआई वीरेंद्र ओझा और जयप्रकाश चौधरी तुरंत अपने पुलिस दल -बल के साथ अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल नवादा भेज दिया। विधायक ने खुद मोबाइल से फोन कर शव वाहन की सदर अस्पताल नवादा पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करवाई। थानाध्यक्ष ने बताया है कि पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा और आगे मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्ट बिजली विभाग की लापरवाही आए दिन लोगों की जान लेने वाली मौत के सरकारी सौदागर बन कर यमराज सा मुंहवाये खड़ी हो गए हैं। कहना बड़ा मुश्किल है कि पता नहीं कितने बेकसूर निरीह मासूमों को अपने मौत के आगोश में लेकर इनका क्रूर कलेजा ठंढ़ा होगा ? अब आगे देखना होगा कि प्रशासन और निष्क्रिय बिजली विभाग इस दर्दनाक हादसे के बाद कितनी गंभीरता और जल्दबाजी में जर्जर तारों ठीक या बदलाव करते हैं। पीड़ित ग्रामीणों ने भी डंके की चोट पर खुलेआम ऐलानिया घोषणा कर दी है कि अगर अविलंब उत्पन्न गंभीर जबर्दस्त कृत्रिम संकट से स्थाई रूप से निजात नहीं दिलाया गया तो जल्द निकट भविष्य में यहां महागद्दर एवं संगठित जनसंग्राम होने से दुनिया की कोई भी ताकत नहीं रोक पाएगी। जनाक्रोश की धधकती ज्वाला में पूर्णतः स्वाहा होकर मिट्टी में तब्दील हो जाएंगे। फ़िर आदमी तो क्या कुत्ता भी कोई पूछने वाला दर्शन तक दिखाई नहीं देगा। अंत में ऊं नमः शिवाय।

