जेल अधीक्षक डॉ दीपक कुमार के रहते नहीं मिलेगा बंदियों को इंसाफ, सीसीटीवी कैमरा के सामने फीर चालू हुआ निजी होटल


औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा


औरंगाबाद मंडल कारा में बंदियों को मिलने वाले आहार को जेल अधीक्षक डॉ दीपक कुमार के संरंक्षण में फीर लूटना चालू हो गया है। जेल के वार्डों के बरामदे में लगे सीसीटीवी कैमरा के सामने फिर निजी होटल जेल अधीक्षक के द्वारा पोषित पालित चाटुकार बंदियों के द्वारा न सिर्फ निजी होटल

सीसीटीवी कैमरा के नजरों में बेखौफ चल रहा है बल्कि बंदियों को मिलने वाले दुध से रसगुल्ला, काला जामुन, रसमलाई और चाय तथा पेंडा बनाकर कैंटीन में बिक्री किया जा रहा है। यहां तक कि जेल में प्रतिबंधित खैनी (तम्बाकू ) और गांजा भी ऊंची दामों पर धड़ल्ले से बिक्री किया जा रहा

डॉ० दिपक कुमार, जेल अधीक्षक, औरंगाबाद

है। इसके अलावा बंदियों के आर्थिक दोहन भी किया जा रहा है। बंदियों द्वारा विरोध करने और शिकायत करने पर सबक सिखाने का धमकी दिया जाना आम बात हो गई है। फलस्वरूप बंदी अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हुए मुंह खोलना मुनासिब नहीं समझते हैं।यह जानकारी सूत्रों के हवाले से बार -बार प्राप्त हो रही है कि शिक़ायत के बाद कुछ दिनों तक जेल में बंदी कुछ हद तक राहत महसूस किये थे लेकिन फीर स्थिति पूर्ववत हो गया है। यदि उपरोक्त हालातों पर गौर किया जाए तो यह जाहिर होता है कि जेल अधीक्षक डॉ दीपक कुमार को रहते बंदियों को इंसाफ और न्याय मिलना दुर्लभ हो गया है। आश्चर्य तो यह है कि जेल में यदि कभी कभार बाहरी जांच आता भी है तो इसकी जानकारी पहले ही जेल प्रशासन को हो जाया करता है।